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पेपर लीक मामला : एसआईटी ने यूपीपीएससी के पूर्व चेयरमैन से घंटों तक की पूछताछ, धांधली से झाड़ा पल्ला

Sun, 21 Jul 2019 06:44 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Sun, 21 Jul 2019 06:44 PM IST
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SIT questioned to former UPPSC Chairman in paper leak case varanasi prayagraj
यूपीपीएससी। - फोटो : अमर उजाला

एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा धांधली की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने शनिवार को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के पूर्व चेयरमैन डॉ अनिरुद्ध सिंह यादव से आठ घंटे तक पूछताछ की। इस दौरान डॉ अनिरुद्ध ने परीक्षा में हुई धांधली से पूरी तरह अनभिज्ञता जताते हुए अपना पल्ला झाड़ा।

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डॉ अनिरुद्ध ने कहा कि परीक्षा के पेपर कहां छपे और कैसे लीक हुए, इसके संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। एसआईटी के सदस्यों के अनुसार डॉ अनिरुद्ध के जवाब काफी हद तक संतोषजनक नहीं प्रतीत हुए हैं और जरूरत पड़ेगी तो उन्हें दोबारा नोटिस जारी कर पूछताछ की जाएगी।
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यूपीपीएससी द्वारा जुलाई 2018 में आयोजित एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा में हुई धांधली को उजागर कर एसटीएफ ने बीते मई महीने में कोलकाता निवासी प्रिंटिंग प्रेस मालिक कौशिक कुमार को गिरफ्तार किया था। इसके बाद आयोग की तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक अंजू कटियार को गिरफ्तार किया गया था। शिक्षक भर्ती परीक्षा जब आयोजित हुई थी तो उस दौरान डॉ अनिरुद्ध उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के चेयरमैन थे। इस वजह से एसआईटी ने उन्हें नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया।

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इस संबंध में एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि आयोग की कार्यप्रणाली, परीक्षाएं आयोजित करने संबंधी प्रावधान और प्रश्न पत्रों के मुद्रण के संबंध में डॉ अनिरुद्ध से पूछताछ की गई। प्रकरण की विवेचना जारी है और सामने आए तथ्यों के आधार पर आयोग से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

पेपर कहां छपेगा इसमें हमारी भूमिका नहीं :
यूपीपीएससी द्वारा आयोजित परीक्षाओं के पेपर कहां छपेंगे, इसकी जानकारी चेयरमैन को नहीं होती है। यह जानकारी देते हुए डॉ. अनिरुद्ध ने एसआईटी को बताया कि परीक्षा और पेपर के छपने के संबंध में हमारी कोई महत्वपूर्ण भूमिका नहीं थी। इसकी सारी जिम्मेदारी परीक्षा नियंत्रक के पास होती है।

जांच समिति नहीं की गठित, सिर्फ कागज आगे बढ़ा दिया :
एसआईटी में शामिल पुलिस अधिकारियों के अनुसार डॉ अनिरुद्ध से पूछा गया कि जब परीक्षा में धांधली की जानकारी हुई तो उन्होंने आंतरिक जांच समिति गठित क्यों नहीं की। इस सवाल का वह सटीक जवाब नहीं दे सके। उनसे पूछा गया कि जब मामला उजागर हुआ तो उन्होंने क्या किया तो उन्होंने बताया कि अपने नीचे के लोगों के ध्यानार्थ कागज को भेज दिया था। पूछा गया कि एसटीएफ ने इस संबंध में आयोग से पत्राचार किया था तो क्या कार्रवाई की गई, इस पर भी वह कोई ठोस जवाब नहीं दे सके।

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