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रूसी युवती पर दोस्त ने सोते समय डाला तेजाब, झुलसी
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sat, 14 Nov 2015 01:28 AM IST
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दोस्त के घर ठहरी रूसी युवती डारया यूरिएवा प्रोकीना (23) पर शुक्रवार की सुबह तेजाब फेंक दिया गया। घटना लंका थाना क्षेत्र में करौंदी इलाके की नंद नगर कॉलोनी की है। घटना के बाद युवती का दोस्त सिद्धार्थ श्रीवास्तव घर से भाग निकला।
देर शाम उसे लंका चौराहे के रामनगर ऑटो स्टैंड से गिरफ्तार कर लिया गया। पीड़िता को काफी गंभीर हालत में बीएचयू अस्पताल में आरोपी के पिता प्रदीप और भाई सचिन ने भर्ती कराया। पुलिस ने उनसे भी पूछताछ की। घटना से पुलिस और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया।
उधर, समूचे घटनाक्रम की जानकारी प्रदेश सरकार के साथ ही गृह मंत्रालय को दी गई है। रूसी दूतावास के जरिए मंत्रालय नेे युवती के परिवारवालों को घटना की सूचना भिजवाई गई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर के मामले और एसिड अटैक के अतिगंभीर अपराध को देखते हुए पुलिस आरोपी पर रासुका (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) की कार्रवाई करने की तैयारी में है।
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डीएम राजमणि यादव ने उपचार कर रहे डॉक्टरों से मुलाकात के बाद बताया कि रूसी युवती की हालत फिलहाल खतरे से बाहर है। वह करीब 45 प्रतिशत झुलसी है। उसके इलाज और प्लास्टिक सर्जरी का खर्च राज्य सरकार उठाएगी।
एसिड अटैक की शिकार मास्को की प्रोकीना के पास से रूस और बुल्गारिया का इंटरनेशनल पासपोर्ट और रूस का इनलैंड पासपोर्ट मिला है। बीती फरवरी में वह बनारस आई। बीएचयू में घूमने के दौरान बैचलर ऑफ म्यूजिक (बीम्यूज.) तृतीय वर्ष के छात्र सिद्धार्थ श्रीवास्तव से उसकी जान-पहचान हुई और कुछ ही समय में उनकी दोस्ती हो गई।
मार्च में दोनों धर्मशाला गए, फिर जून और जुलाई में श्रीलंका घूमकर वापस लौटे। सितंबर और अक्तूबर के महीने में दोनों सिक्किम घूमने गए। वहां से आने के बाद डारया अक्तूबर में फिर अकेले ही सिक्किम गई और वापस लौट कर दीवाली मनाने के लिए सिद्धार्थ के घर ठहर गई।
सिद्धार्थ के दादा रिटायर्ड असिस्टेंट कमिश्नर (एक्साइज) हृदयनाथ श्रीवास्तव ने बताया कि अगस्त महीने में रूसी युवती को सिद्धार्थ घर लेकर आया था। परिवार के लोगों ने आपत्ति जताई, लेकिन सिद्धार्थ मनोरोगी है और तोड़फोड़ करने लगता था, इसलिए सभी शांत रहे। उस समय लगभग 10 दिन तक युवती घर पर ही रही।
कुछ दिन पहले ही प्रोकीना फिर घर आई और पता चला कि वह सिक्किम और दार्जिलिंग से आ रही है। 18 नवंबर को यहां से उसे अपने देश वापस जाना है। शुक्रवार की भोर में वह टहलने जा रहे थे, तभी प्रोकीना के रोने की आवाज सुनाई दी। छत पर गए तो पता चला कि सिद्धार्थ की मां वीना और भाई सचिन युवती को बाथरूम में लेकर गए हैं।
वह जल गई थी। जख्मों पर पानी डाला जा रहा था। छत पर उसका बिस्तर जलकर काला पड़ गया था। आननफानन में प्रोकीना को बीएचयू अस्पताल ले जाया गया, जहां से लंका थाने को भेजे गए मेमो के आधार पर पुलिस को जानकारी हुई। घटना की जानकारी मिलते ही एसएसपी आकाश कुलहरि मौके पर पहुंचे। अस्पताल जाकर युवती की हालत जानी और समुचित उपचार का निर्देश दिया।
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देर शाम उसे लंका चौराहे के रामनगर ऑटो स्टैंड से गिरफ्तार कर लिया गया। पीड़िता को काफी गंभीर हालत में बीएचयू अस्पताल में आरोपी के पिता प्रदीप और भाई सचिन ने भर्ती कराया। पुलिस ने उनसे भी पूछताछ की। घटना से पुलिस और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया।
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उधर, समूचे घटनाक्रम की जानकारी प्रदेश सरकार के साथ ही गृह मंत्रालय को दी गई है। रूसी दूतावास के जरिए मंत्रालय नेे युवती के परिवारवालों को घटना की सूचना भिजवाई गई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर के मामले और एसिड अटैक के अतिगंभीर अपराध को देखते हुए पुलिस आरोपी पर रासुका (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) की कार्रवाई करने की तैयारी में है।
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डीएम राजमणि यादव ने उपचार कर रहे डॉक्टरों से मुलाकात के बाद बताया कि रूसी युवती की हालत फिलहाल खतरे से बाहर है। वह करीब 45 प्रतिशत झुलसी है। उसके इलाज और प्लास्टिक सर्जरी का खर्च राज्य सरकार उठाएगी।
एसिड अटैक की शिकार मास्को की प्रोकीना के पास से रूस और बुल्गारिया का इंटरनेशनल पासपोर्ट और रूस का इनलैंड पासपोर्ट मिला है। बीती फरवरी में वह बनारस आई। बीएचयू में घूमने के दौरान बैचलर ऑफ म्यूजिक (बीम्यूज.) तृतीय वर्ष के छात्र सिद्धार्थ श्रीवास्तव से उसकी जान-पहचान हुई और कुछ ही समय में उनकी दोस्ती हो गई।
मार्च में दोनों धर्मशाला गए, फिर जून और जुलाई में श्रीलंका घूमकर वापस लौटे। सितंबर और अक्तूबर के महीने में दोनों सिक्किम घूमने गए। वहां से आने के बाद डारया अक्तूबर में फिर अकेले ही सिक्किम गई और वापस लौट कर दीवाली मनाने के लिए सिद्धार्थ के घर ठहर गई।
सिद्धार्थ के दादा रिटायर्ड असिस्टेंट कमिश्नर (एक्साइज) हृदयनाथ श्रीवास्तव ने बताया कि अगस्त महीने में रूसी युवती को सिद्धार्थ घर लेकर आया था। परिवार के लोगों ने आपत्ति जताई, लेकिन सिद्धार्थ मनोरोगी है और तोड़फोड़ करने लगता था, इसलिए सभी शांत रहे। उस समय लगभग 10 दिन तक युवती घर पर ही रही।
कुछ दिन पहले ही प्रोकीना फिर घर आई और पता चला कि वह सिक्किम और दार्जिलिंग से आ रही है। 18 नवंबर को यहां से उसे अपने देश वापस जाना है। शुक्रवार की भोर में वह टहलने जा रहे थे, तभी प्रोकीना के रोने की आवाज सुनाई दी। छत पर गए तो पता चला कि सिद्धार्थ की मां वीना और भाई सचिन युवती को बाथरूम में लेकर गए हैं।
वह जल गई थी। जख्मों पर पानी डाला जा रहा था। छत पर उसका बिस्तर जलकर काला पड़ गया था। आननफानन में प्रोकीना को बीएचयू अस्पताल ले जाया गया, जहां से लंका थाने को भेजे गए मेमो के आधार पर पुलिस को जानकारी हुई। घटना की जानकारी मिलते ही एसएसपी आकाश कुलहरि मौके पर पहुंचे। अस्पताल जाकर युवती की हालत जानी और समुचित उपचार का निर्देश दिया।