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आरएस यादव को राहत नहीं, कोर्ट ने न्यायिक रिमांड बनाकर भेजा जेल

Tue, 20 Jun 2017 08:30 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी Updated Tue, 20 Jun 2017 08:30 PM IST
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rs yadav went to judicial custody
निलंबित और गिरफ्तार चंदौली एआरटीओ आरएस - फोटो : अमर उजाला
भ्रष्टाचार के आरोप में जिला जेल में बंद एआरटीओ आरएस यादव की मुश्किलें मंगलवार को और बढ़ गईं। चंदौली के अलीनगर थाने में भ्रष्टाचार, लूट, धमकी और ट्रक के कागजात छीनने के मामले में आरएस को अपर जिला जज चतुर्थ मोहम्मद गुलाम उल मदार की अदालत में पेश किया गया।
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अदालत ने 14 दिन की न्यायिक रिमांड बनाते हुए आरएस को जेल भेज दिया। साथ ही, चंदौली कोतवाली में उसके विरुद्ध दर्ज पहले के मुकदमे में धाराएं भी बढ़ा दीं। अब जल्द ही चंदौली पुलिस आरएस का बयान दर्ज कर सकती है। 
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चंदौली में हाईवे पर ट्रकों से अवैध वसूली का मामला पकड़े जाने के बाद एआरटीओ आरएस यादव, चालक शिव बहादुर और धनजी यादव के खिलाफ चंदौली कोतवाली में धारा 386, 120 बी और 7/13 के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया था।
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इस मामले में 14 दिन की न्यायिक हिरासत में एआरटीओ को जेल भेजे जाने के कुछ दिनों बाद ही अलीनगर थाने में उसके विरुद्ध एक और मुकदमा कायम हुआ। ट्रक मालिक और चालक की तहरीर पर दर्ज इस मुकदमे की छानबीन के बाद सोमवार को चंदौली के क्षेत्राधिकारी सदर त्रिपुरारी पांडेय और विवेचक प्रदीप सिंह चंदेल की तरफ से अदालत में प्रार्थना पत्र दिया गया था।

कहा गया था कि एआरटीओ आरएस यादव, धनजी यादव और शिव बहादुर के खिलाफ  विवेचना में कई और तथ्य सामने आए हैं। इसके आधार पर उसके खिलाफ  चंदौली कोतवाली में दर्ज मुकदमे की धाराओं में बढ़ोतरी करने का अनुरोध किया था।

अदालत ने प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए आरोपियों को जेल से तलब किया था। मंगलवार को एआरटीओ की पेशी के दौरान सुनवाई करते हुए अदालत ने एक तरफ जहां अलीनगर मामले में 14 दिन की न्यायिक रिमांड बनाई वहीं, चंदौली में दर्ज मुकदमे में 392, 411 (लूट के माल की बरामदगी), भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 8/10 बढ़ाई।

एआरटीओ को दिन में करीब साढ़े ग्यारह बजे कचहरी परिसर लाया गया था। मामले के दो अन्य आरोपी शिवजी और धनजी की कोर्ट में पेशी बुधवार को होगी। डीजीसी अनिल सिंह के अनुसार चंदौली कोतवाली में दर्ज मुकदमे में अब आरएस की पेशी 24 जून को होगी  जबकि अलीनगर मामले में अगली सुनवाई अब तीन जुलाई को होगी। 

आरएस यादव के साम्राज्य में बड़े कारोबारियों से लेकर नेता तक 

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एआरटीओ आरएस यादव - फोटो : SELF
भ्रष्टाचार के आरोप में जेल भेजे गए एआरटीओ आरएस यादव से जुड़े मामलों की जांच ढीली पड़ गई है। इससे न सिर्फ जांच एजेंसियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं बल्कि नई सरकार में आरएस सिंडिकेट को सत्ता के गलियारे में संरक्षण के संकेत दिए जाने की बातें भी चर्चा में है।

सूत्रों की मानें तो आरएस यादव के करीबी सत्ता से जुड़े कुछ बड़े नेताओं और नौकरशाहों के संपर्क में हैं। सूत्रों की मानें तो अरबों की संपत्ति की निष्पक्षता से जांच होने पर कई और चेहरों के बेनकाब होने की आशंका से शासन के कुछ नेता और अधिकारी मामले को दबाने की कोशिश में हैं।

 मामला सामने आने पर सीएम योगी आदित्यनाथ के कड़े रुख के बाद शुरुआत में जो पैरोकार पीछे हट गए थे, अब उन्हीं के जरिए मामले को ‘मैनेज’ कराया जा रहा है। ईडी जांच की बात तो दूर, पुलिस की जांच में भी ठहराव आ गया है।

अरबों की संपत्ति के खुलासे के बावजूद विजलेंस ने भी अब तक छापेमारी नहीं की है। विजिलेंस के एसपी शिव शंकर सिंह ने जांच के संदर्भ में एसपी चंदौली संतोष सिंह से मुलाकात कर ब्यौरा भी लिया था। दरअसल, आरएस यादव के साम्राज्य में बड़े कारोबारियों से लेकर नेताओं और अधिकारियों का भी काला धन लगे होने की बात पुलिस की छानबीन में सामने आ चुकी है। पता चला है कि सबने मिलकर कई बोगस कंपनियां भी बनाई हैं।

पुलिस के पास कंपनियों के कागजात भी हैं लेकिन उसने अब तक कंपनी के किसी भी साझेदार से पूछताछ नहीं की। कई प्लाट और अन्य संपत्तियों का भी खुलासा हो चुका है लेकिन पुलिस अब तक आरएस यादव के चालक का भी पता नहीं लगा पाई है।

चालक महेंद्र के नाम छावनी क्षेत्र स्थित करोड़ों का होटल है। उसे आरएस का सबसे बड़ा राजदार माना जा रहा है। दबिश और नोटिस के बाद भी पुलिस न तो उसे गिरफ्तार कर पाई है, न ही उसके खिलाफ मुकदमा कायम किया गया है।
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