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हाइवे पर शराबबंदी के बाद अब शराबियों ने निकाला नायाब तरीका
ब्यूरो, अमर उजाला, सोनभद्र
Updated Sat, 22 Apr 2017 03:17 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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सुप्रीम कोर्ट के सख्त आदेश के बाद हाइवे के किनारे की शराब की दूकानें बंद कर दी गई हैं। कुछ दिनों तक परेशान रहने के बाद अब शराबियों ने इससे निपटने का एक नायाब तरीका निकाला है। जंगल के किनारे बसे गांवों में महुआ से बनी देशी शराब के ठिकाने खोल दिए गए हैं और शराबी वहां पहुंचने लगे हैं।
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उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के मड़िहान क्षेत्र में अवैध महुआ से बनी देशी शराब की बिक्री बढ़ गई है। शराबी अपना अड्डा अब गांव-गांव में बना लिए हैं। न्यायालय के आदेश कि हाइवे पर शराब की दूकानें तो बंद हो गई वहीं बस्तियों में ग्रामीण शराब की दूकान खुलने नहीं दे रहे हैं।
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ऐसी स्थिति में नशेड़ी जंगल के किनारे बसे गांवों में बनने वाली देशी शराब की दूकानों पर पहुंच रहे हैं। मड़िहान तहसील क्षेत्र के जंगल किनारे बसे कई गांवों में महुआ से निर्मित देशी शराब बनाने व बेचने का कारोबार बेखौफ होकर किया जा रहा है, बावजूद इसके महकमा बेपरवाह बना हुआ है।
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हाईवे पर शराब की दूकानों पर ताला लगने के बाद अब शराबी गांवों में पहुंचकर महुआ से बनी देशी शराब का सेवन कर रहे हैं। मौके का फायदा उठाकर कच्ची शराब बनाने वाले नशेड़ियों को ऊंचे दामों पर शराब परोस रहे हैं।
जंगल के किनारे बसे गांवों में प्रम़ुख रूप से सोनौहां, गजरिया, इमली पोखर, सहरसा, देवरी, हतरा, खचहां, धुरकर, राजापुर, ढेकवाह आदि दर्जनों में गांवों सहित पत्थरों की खदानों पर मजदूरों द्वारा धड़ल्ले से महुआ की कच्ची शराब बनाई व बेची जा रही है, जिससे स्थानीय लोगों पर इसका प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि इस कारोबार पर अंकुश नहीं लग रहा है, जिससे साफ जाहिर होता है कि देशी शराब बनाने वालों के उपर पुलिस व विभाग का हाथ है। गांवों में शराब बनाने व बेचने से नवयुवक भी इसका लत पकड़ कर अपना जीवन बर्बाद कर रहे हैं और जब शराब पीने के लिए पैसा नहीं होता तो वह चोरी-छिनैती जैसी घटनाओं को भी अंजाम देने से नहीं चुकते हैं।
पुलिस प्रशासन पर भी शासन का हनक स्थानीय स्तर पर दिखाई नहीं पड़ रहा है अभी सभी पुराने ढर्रे पर ही चल रहे हैं। छापेमारी के नाम पर विभाग के सिर्फ खानापूर्ति कर रहा है। वहीं जिला आबकारी अधिकारी आनंद प्रकाश ने कहा कि अवैध शराब बनाने व बिक्री करने वाले लोगों के खिलाफ अभियान चलाने को कहा गया है।
आबकारी व पुलिस की संयुक्त टीम बनाकर अवैध शराब के अड्डों पर छापेमारी कर कार्रवाई किरने के निर्देश दिए गए है। अगर कही अवैध शराब बनाई जा रही है तो लोग इसकी शिकायत कर सकते है। कार्रवाई की जाएगी।