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बड़ा खुलासा : मुन्ना बजरंगी ने कराई थी बनारस के डिप्टी जेलर की हत्या

Mon, 10 Jul 2017 10:40 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी Updated Mon, 10 Jul 2017 10:40 AM IST
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Munna Bajrangi was Murder of deputy jailer of Varanasi
अनिल त्यागी मुन्ना बजरंगी - फोटो : अमर उजाला

वाराणसी जिला जेल के डिप्टी जेलर रहे अनिल त्यागी की हत्या 23 नवंबर 2013 को मुन्ना बजरंगी ने अपने गुर्गों से कराई थी। रविवार को धनबाद के पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह हत्याकांड में वांछित शूटर बैरिया (बलिया) के मधुबनी निवासी चंदन सिंह उर्फ रोहित को कैंट क्षेत्र से गिरफ्तार करने के बाद यह खुलासा एसटीएफ की वाराणसी इकाई ने किया।

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चंदन के पास से .32 बोर की अवैध पिस्टल और चार कारतूस बरामद कर उसे कैंट पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया। गौरतलब है कि इस मामले का खुलासा सात मई 2014 को कर कैंट पुलिस ने मऊ निवासी बदमाश रमेश सिंह काका सहित छह बदमाशों को अनिल त्यागी का हत्यारोपी बताते हुए जेल भेजा था।
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ऐसे में एसटीएफ के खुलासे ने तत्कालीन कैंट इंस्पेक्टर की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। बीते 21 मार्च को धनबाद के सरायढेला क्षेत्र में कांग्रेस नेता नीरज सिंह सहित चार लोगों पर सौ राउंड से ज्यादा फायरिंग कर दिनदहाड़े हत्या की गई थी। नीरज के चचेरे भाई विधायक संजीव सिंह, जयनेंद्र सिंह, गया सिंह, महंत पांडेय और सिद्धार्थ गौतम नामजद किए गए।
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वहीं, संजय सिंह, धनजी सिंह और डब्लू मिश्र का नाम सामने आया मगर शूटर पकड़े नहीं गए। तफ्तीश के लिए एसटीएफ के एएसपी एस. आनंद और ज्ञानेंद्र नाथ प्रसाद के निर्देशन में इंस्पेक्टर शैलेष प्रताप सिंह के नेतृत्व में टीम लगाई गई।

रमेश काका सहित छह को हत्याकांड में भेजा गया था जेल

Munna Bajrangi was Murder of deputy jailer of Varanasi
डॉन मुन्ना बजरंगी - फोटो : amar ujala

तीन मई को अंबेडकरनगर जिले के अमन सिंह और उसके दोस्त की गिरफ्तारी हुई तो पता चला कि नीरज हत्याकांड में उसके अलावा तीन और शूटर थे। इसके बाद 23 जून को एसटीएफ ने सुल्तानपुर जिले के कुर्बान अली उर्फ सोनू को और 24 जून को प्रतापगढ़ जिले के सागर सिंह उर्फ सीबू को गिरफ्तार किया।

अमन, कुर्बान और सागर से मिली जानकारी के आधार पर चौथे शूटर के रूप में चंदन को चिह्नित किया गया। पता लगा कि चंदन एक अरसे से सारनाथ के तिलमापुर क्षेत्र की न्यू कॉलोनी में रह रहा है।

इसी बीच पता लगा कि रविवार सुबह चंदन कैंट क्षेत्र की सेंट मैरी स्कूल के पास अपने दोस्त से मिलने आ रहा है तो एसटीएफ इंस्पेक्टर शैलेष प्रताप सिंह ने अपनी टीम के इंस्पेक्टर पुनीत परिहार, एसआई अमित श्रीवास्तव और अंगद यादव के साथ घेरेबंदी की।

खुद को घिरता देख चंदन ने दो राउंड फायरिंग की लेकिन वह दबोच लिया गया। चंदन ने बताया कि सुल्तानपुर के पंकज सिंह के माध्यम से वह मिर्जापुर जेल में बंद रिंकू सिंह के संपर्क में आया। पंकज के कहने पर वह 19 मार्च को वाराणसी आया था।

पंकज ने सोनू और सीबू से मुलाकात कराई। चंदन ने बताया कि उसने, अमन, सोनू और सीबू ने नीरज और उनके साथियों की हत्या की। वारदात के बाद वह कुछ दिन वाराणसी रहा और फिर गुजरात के जामनगर भाग गया था। वारदात के एवज में मिलने वाले रुपये पंकज से लेने के लिए आया था लेकिन इसके पहले पकड़ लिया गया।

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