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पैसे के लेन-देन में हुई थी ऑटो चालक की हत्या
ब्यूरो/अमर उजाला वाराणसी
Updated Sun, 07 Feb 2016 02:10 AM IST
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चंदौली के अलीनगर निवासी ऑटो चालक विनोद यादव की हत्या उसके ही साथियों ने पैसे के लेनदेन के विवाद में की थी। तीन दोस्तों ने पहले उसे खूब शराब पिलाई। जब वह नशे में धुत हो गया तो पहले उसे गोली मारी, फिर उसका गला रेत दिया। पुलिस ने आरोपियों में एक फुलवरिया निवासी विनोद गुप्ता को शुक्रवार की शाम लहरतारा से गिरफ्तार कर लिया। इस पूरे मामले का खुलासा एसएसपी आकाश कुलहरि ने शनिवार को पुलिस लाइन के संगोष्ठी सदन में प्रेस कांफ्रेंस कर किया।
चंदौली के अलीनगर थाना क्षेत्र के आलमपुर निवासी विनोद यादव वाराणसी में ऑटो चलाता था। दो फरवरी को महमूरगंज स्थित विराट विला के पास उसका शव मिला था। उसकी हत्या की गई थी। एसएसपी के निर्देशन में सिगरा पुलिस मामले की जांच कर रही थी। पुलिस को जांच के दौरान पता चला कि विनोद यादव का बिहार के समस्तीपुर निवासी चालक प्रमोद से पैसे के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। प्रमोद ने अपने चचेरे भाई अरविंद और लहरतारा निवासी विनोद गुप्ता को साथ लेकर विनोद यादव की हत्या की साजिश रची थी।
एक फरवरी की रात शराब पिलाने के बाद विनोद की हत्या कर दी गई। पुलिस को सर्विलांस की जांच से पता चला कि घटना के दिन आरोपी विनोद यादव के ही साथ थे। मुखबिर की सूचना के बाद पुलिस ने शुक्रवार की शाम फुलवरिया निवासी विनोद गुप्ता को लहरतारा क्षेत्र से ही गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से घटना में इस्तेमाल हुआ ऑटो बरामद किया गया। उसने पूछताछ में बताया कि एक फरवरी की शाम विनोद यादव को प्रमोद के मोबाइल से फोन कर महमूरगंज बुलाया गया। उसे पार्टी के नाम पर बुलाया गया था।
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सभी ने महमूरगंज में ही विनोद गुप्ता के ऑटो में शराब पी। नशे में धुत होने के बाद विनोद गुप्ता ने विनोद यादव को पीछे से पकड़ लिया और प्रमोद ने गोली मार दी। बाद में अरविंद ने चाकू से गला रेत दिया। शव को विराट विला के पास छोड़कर सभी आरोपी भाग निकले। पुलिस प्रमोद और अरविंद की तलाश कर रही है। गिरफ्तार करने वाली टीम में एसओ सिगरा विनय प्रकाश सिंह, सुभाष यादव, अमरेंद्र कुमार पांडेय, अरविंद राव, भीम यादव आदि शामिल थे।
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चंदौली के अलीनगर थाना क्षेत्र के आलमपुर निवासी विनोद यादव वाराणसी में ऑटो चलाता था। दो फरवरी को महमूरगंज स्थित विराट विला के पास उसका शव मिला था। उसकी हत्या की गई थी। एसएसपी के निर्देशन में सिगरा पुलिस मामले की जांच कर रही थी। पुलिस को जांच के दौरान पता चला कि विनोद यादव का बिहार के समस्तीपुर निवासी चालक प्रमोद से पैसे के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। प्रमोद ने अपने चचेरे भाई अरविंद और लहरतारा निवासी विनोद गुप्ता को साथ लेकर विनोद यादव की हत्या की साजिश रची थी।
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एक फरवरी की रात शराब पिलाने के बाद विनोद की हत्या कर दी गई। पुलिस को सर्विलांस की जांच से पता चला कि घटना के दिन आरोपी विनोद यादव के ही साथ थे। मुखबिर की सूचना के बाद पुलिस ने शुक्रवार की शाम फुलवरिया निवासी विनोद गुप्ता को लहरतारा क्षेत्र से ही गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से घटना में इस्तेमाल हुआ ऑटो बरामद किया गया। उसने पूछताछ में बताया कि एक फरवरी की शाम विनोद यादव को प्रमोद के मोबाइल से फोन कर महमूरगंज बुलाया गया। उसे पार्टी के नाम पर बुलाया गया था।
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सभी ने महमूरगंज में ही विनोद गुप्ता के ऑटो में शराब पी। नशे में धुत होने के बाद विनोद गुप्ता ने विनोद यादव को पीछे से पकड़ लिया और प्रमोद ने गोली मार दी। बाद में अरविंद ने चाकू से गला रेत दिया। शव को विराट विला के पास छोड़कर सभी आरोपी भाग निकले। पुलिस प्रमोद और अरविंद की तलाश कर रही है। गिरफ्तार करने वाली टीम में एसओ सिगरा विनय प्रकाश सिंह, सुभाष यादव, अमरेंद्र कुमार पांडेय, अरविंद राव, भीम यादव आदि शामिल थे।