फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Mathura wires are connected to the military recruitment paper leak

मथुरा से जुड़े हैं सेना भर्ती के पेपर लीक होने के तार

Mon, 25 Apr 2016 01:45 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी Updated Mon, 25 Apr 2016 01:45 AM IST
विज्ञापन
सेना भर्ती की लिखित परीक्षा के पेपर आउट करने के तार यूपी के विभिन्न जिलों के अलावा मुंबई, मध्य प्रदेश और राजस्थान से जुड़े हुए हैं। सूत्रों की मानें तो मथुरा निवासी दलाल प्रवीण ने अलग-अलग प्रदेश के रहने वाले लोगों को 12 से 15 लाख रुपये में पेपर बेचे हैं। यह भी पता चला है कि पूरे घपले में सेना का कोई अधिकारी या कर्मचारी भी शामिल है। बिना किसी सैन्यकर्मी की मदद से पेपर बाजार में नहीं पहुंच सकता। इसे पूरे मामले को लेकर एसटीएफ के साथ-साथ सेना भी गंभीर है। सेना ‘विभीषण’ का पता लगाने में जुटी हुई है। 
विज्ञापन


देश में कुल 62 सेना भर्ती कार्यालय हैं। एक भर्ती कार्यालय के क्षेत्र में 12 से 14 जिले आते हैं। हर छह महीने में वह छह जिलों की भर्ती कराता है। रविवार को तकरीबन सभी एआरओ में लिखित परीक्षा थी। लखनऊ जोन में वाराणसी, आगरा, मेरठ और अमेठी में परीक्षा हुई। एसटीएफ सूत्रों की मानें तो मथुरा का दलाल प्रवीण पूरे मामले का सूत्रधार है। वह फिलहाल मुंबई में रह रहा है। सबसे पहले उसे ही सेना का पेपर मिला था। उसे पेपर कहां से और किन लोगों ने दिया, इसकी जांच की जा रही है । प्रवीण ने मध्य प्रदेश, राजस्थान, मुंबई में रहने वाले लोगों को 12 से 15 लाख रुपये मे पेपर बेचे हैं। 
विज्ञापन


15 लाख रुपये में पेपर खरीदने वालों ने अन्य कई लोगों को भी पेपर बेचे होंगे। सूत्रों की मानें तो मथुरा या उसके आसपास के रहने वाले एक युवक ने भी प्रवीण से संपर्क किया था। उसी युवक ने पेपर की कॉपी लखनऊ में एसटीएफ के अधिकारी को वाट्सएप पर भेजी थी। पेपर पर सूबेदार मेजर राजेश, वाराणसी की मुहर लगी हुई थी। इसके बाद लखनऊ से लेकर वाराणसी एसटीएफ सक्रिय हुई। वाराणसी एसटीएफ की टीम ने सेना से संपर्क  कर मामले की जांच शुरू की। हालांकि वाराणसी सेना के अधिकारी वाराणसी से पेपर लीक होने से इंकार कर रहे हैं। उनका कहना है कि पेपर पर फर्जी मुहर लगाई गई थी। सेना ने कई स्तर पर जांच शुरू कर दी है। सेना के कई लोग इसमें नप सकते हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed