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दोस्त की हत्या का महेश से लेना चाहता था बदला
ब्यूरो/अमर उजाला वाराणसी
Updated Sun, 21 Feb 2016 02:11 AM IST
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त्रिपुरा भैरवी में सात फरवरी की रात हिस्ट्रीशीटर महेश पुरोहित पर गोली चलाने के मामले में पुलिस ने शुक्रवार की देर शाम मीरघाट से एक आरोपी लालजी प्रजापति को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से घटना में प्रयुक्त पिस्टल बरामद की गई। पुलिस की पूछताछ में उसने बताया कि दोस्त की हत्या का बदला लेने के लिए महेश पुरोहित पर गोली चलाई थी। हालांकि हमले में वह बच गया। गोली राहगीर कन्हैया को लग गई।
इस मामले का खुलासा एसपी क्राइम त्रिभुवन सिंह ने शनिवार को पुलिस लाइन में प्रेस कांफ्रेंस में किया। दशाश्वमेध थाना क्षेत्र के त्रिपुरा भैरवी में सात फरवरी की रात दो बदमाशों ने त्रिपुरा भैरवी निवासी महेश पुरोहित पर उनकी दूकान में घुसकर गोली चलाई थी। महेश दूकान से निकल कर भाग निकला। इसी बीच फायरिंग की आवाज सुनकर कालिका कली निवासी कन्हैया अग्रवाल ने एक बदमाश को पकड़ने का प्रयास किया तो उसने कन्हैया को गोली मार दी। एसएसपी आकाश कुलहरि के निर्देश पर दशाश्वमेध पुलिस और क्राइम ब्रांच मामले की जांच कर रही थी।
जांच में पता चला कि महेश ने 1996 में त्रिपुरा भैरवी क्षेत्र में वर्चस्व की लड़ाई में रानी भवानी गली निवासी रमेश यादव की हत्या कर दी थी। इसका बदला लेने के लिए रमेश के भतीजे वैभव और रमेश के करीबी दोस्त मंडुवाडीह के पहाड़ी गांव निवासी लालजी ने महेश की हत्या की साजिश रची।
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सात फरवरी की रात दोनों महेश को मारने की नीयत से उसकी दूकान न्यू ट्रेवेल्स डेस्क पर गए थे। महेश पर फायरिंग के बाद वह भागने लगे। उन्हें लगा कि महेश को गोली लग गई है। इसी बीच कन्हैया समेत अन्य लोगों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो उन्होंने कन्हैया को गोली मार दी। लालजी को गिरफ्तार करने वाली टीम में इंस्पेक्टर दशाश्वमेध अंजय सिंह, क्राइम ब्रांच के ओम नारायण सिंह, बृजेश सिंह, प्रवीण राय, रामानंद, सुरेंद्र मौर्या शामिल थे।
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इस मामले का खुलासा एसपी क्राइम त्रिभुवन सिंह ने शनिवार को पुलिस लाइन में प्रेस कांफ्रेंस में किया। दशाश्वमेध थाना क्षेत्र के त्रिपुरा भैरवी में सात फरवरी की रात दो बदमाशों ने त्रिपुरा भैरवी निवासी महेश पुरोहित पर उनकी दूकान में घुसकर गोली चलाई थी। महेश दूकान से निकल कर भाग निकला। इसी बीच फायरिंग की आवाज सुनकर कालिका कली निवासी कन्हैया अग्रवाल ने एक बदमाश को पकड़ने का प्रयास किया तो उसने कन्हैया को गोली मार दी। एसएसपी आकाश कुलहरि के निर्देश पर दशाश्वमेध पुलिस और क्राइम ब्रांच मामले की जांच कर रही थी।
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जांच में पता चला कि महेश ने 1996 में त्रिपुरा भैरवी क्षेत्र में वर्चस्व की लड़ाई में रानी भवानी गली निवासी रमेश यादव की हत्या कर दी थी। इसका बदला लेने के लिए रमेश के भतीजे वैभव और रमेश के करीबी दोस्त मंडुवाडीह के पहाड़ी गांव निवासी लालजी ने महेश की हत्या की साजिश रची।
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सात फरवरी की रात दोनों महेश को मारने की नीयत से उसकी दूकान न्यू ट्रेवेल्स डेस्क पर गए थे। महेश पर फायरिंग के बाद वह भागने लगे। उन्हें लगा कि महेश को गोली लग गई है। इसी बीच कन्हैया समेत अन्य लोगों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो उन्होंने कन्हैया को गोली मार दी। लालजी को गिरफ्तार करने वाली टीम में इंस्पेक्टर दशाश्वमेध अंजय सिंह, क्राइम ब्रांच के ओम नारायण सिंह, बृजेश सिंह, प्रवीण राय, रामानंद, सुरेंद्र मौर्या शामिल थे।