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यूपी-बिहार के बार्डर पर डेढ़ किलो हेरोइन के साथ तस्कर गिरफ्तार
क्राइम डेस्क, अमर उजाला,चंदौली
Updated Thu, 15 Mar 2018 02:11 PM IST
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सदर कोतवाली के केशवपुर गांव के समीप किया गिरफ्तार
- फोटो : twitter
यूपी और बिहार के बार्डर पर चंदौली सदर कोतवाली और क्राइम ब्रांच की टीम ने बुधवार की देर शाम हेरोइन तस्कर को गिरफ्तार किया। तस्कर के पास से डेढ़ किलो हेरोइन बरामद हुआ है। इसकी कीमत एक करोड़ साठ लाख रुपये बताई जा रही है।
सीओ सकलडीहा त्रिपुरारी पांडेय ने बताया कि सूचना पर क्राइम ब्रांच की टीम ने सीओ सकलडीहा के नेतृत्व में कैली रोड के बिछिया गांव के समीप घेरेबंदी की। केशवपुर गांव से आ रहे एक व्यक्ति आता दिखाई दिया।
उसकी तलाशी में झोले से हेरोइन बरामद हुआ। पुलिस उसे कोतवाली लेकर आई। बरामद हेरोइन की कीमत एक करोड़ 60 लाख रुपये आंकी गई। पुलिस की पूछताछ में उसने बताया कि उसका नाम अजय है। वह केशवपुर गांव का निवासी है।
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लंबे समय से इस कार्य में लिप्त है। उसके निशानदेही पर पुलिस ने इस कार्य में लगे अन्य लोगों के यहां छापेमारी की लेकिन इसकी भनक लगते ही अन्य आरोपी घर छोड़कर फरार हो गए थे। पकड़ा गए तस्कर अजय का पिता भी इस गोरखधंधे में लंबे समय से हाथ चला रहा है। वह अब तक 18 बार से अधिक जेल भेज चुका है।
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सीओ सकलडीहा त्रिपुरारी पांडेय ने बताया कि सूचना पर क्राइम ब्रांच की टीम ने सीओ सकलडीहा के नेतृत्व में कैली रोड के बिछिया गांव के समीप घेरेबंदी की। केशवपुर गांव से आ रहे एक व्यक्ति आता दिखाई दिया।
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उसकी तलाशी में झोले से हेरोइन बरामद हुआ। पुलिस उसे कोतवाली लेकर आई। बरामद हेरोइन की कीमत एक करोड़ 60 लाख रुपये आंकी गई। पुलिस की पूछताछ में उसने बताया कि उसका नाम अजय है। वह केशवपुर गांव का निवासी है।
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लंबे समय से इस कार्य में लिप्त है। उसके निशानदेही पर पुलिस ने इस कार्य में लगे अन्य लोगों के यहां छापेमारी की लेकिन इसकी भनक लगते ही अन्य आरोपी घर छोड़कर फरार हो गए थे। पकड़ा गए तस्कर अजय का पिता भी इस गोरखधंधे में लंबे समय से हाथ चला रहा है। वह अब तक 18 बार से अधिक जेल भेज चुका है।
पिता के बाद बेटा भी कूद पड़ा हेरोइन तस्करी के धंधे में
यूपी और बिहार के बार्डर पर नशीले पदार्थों का जोन बन चुका है। प्रतिदिन मादक पदार्थों की तस्करी सीमा के समीपवर्ती गांव में लंबे समय से चल रहा है। इस कारोबार में सफेदपोश भी लिप्त हैं। चंदौली जिले के कुछ गांव भी तस्करी के लिए विख्यात हैं।
सूत्रों का कहना है कि हेरोइन तस्कर का कनेक्शन मुगलसराय के एक डीजे संचालक से भी जुड़ा हुआ है। रेलवे स्टेशन पर भी कई बार पुलिस या सुरक्षा तंत्र हेरोइन की बड़ी खेप पकड़ चुकी है। मुगलसराय स्टेशन एक तरह से हेरोइन तस्करों का केंद्र बिंदु हैं।
यहां से उतरकर सड़क मार्ग से जिले के विभिन्न हिस्सों में आपूर्ति करते हैं। पुलिस रिकार्ड के मुताबिक अजय का पिता मुन्ना हेरोइन तस्करी का खिलाड़ी रहा है। सदर पुलिस के हत्थे वह 18 बार चढ़ चुका है।
वहीं शहाबगंज और बलुआ पुलिस एक-एक बार जेल भेज चुकी है। केशवपुर निवासी अजय पिता के रास्ते पर चलते हुए हेराइन तस्करी का धंधा अपना लिया। बुधवार को वह डेढ़ किलो हेरोइन लेकर बिहार की ओर जा रहा था। लेकिन मुखबीर की सटीक सूचना पर क्राइम ब्रांच के हत्थे चढ़ गया। इसके पहले 2007 में इरशाद नामक तस्कर को भी कोतवाली पुलिस जेल भेज चुकी है।
सूत्रों का कहना है कि हेरोइन तस्कर का कनेक्शन मुगलसराय के एक डीजे संचालक से भी जुड़ा हुआ है। रेलवे स्टेशन पर भी कई बार पुलिस या सुरक्षा तंत्र हेरोइन की बड़ी खेप पकड़ चुकी है। मुगलसराय स्टेशन एक तरह से हेरोइन तस्करों का केंद्र बिंदु हैं।
यहां से उतरकर सड़क मार्ग से जिले के विभिन्न हिस्सों में आपूर्ति करते हैं। पुलिस रिकार्ड के मुताबिक अजय का पिता मुन्ना हेरोइन तस्करी का खिलाड़ी रहा है। सदर पुलिस के हत्थे वह 18 बार चढ़ चुका है।
वहीं शहाबगंज और बलुआ पुलिस एक-एक बार जेल भेज चुकी है। केशवपुर निवासी अजय पिता के रास्ते पर चलते हुए हेराइन तस्करी का धंधा अपना लिया। बुधवार को वह डेढ़ किलो हेरोइन लेकर बिहार की ओर जा रहा था। लेकिन मुखबीर की सटीक सूचना पर क्राइम ब्रांच के हत्थे चढ़ गया। इसके पहले 2007 में इरशाद नामक तस्कर को भी कोतवाली पुलिस जेल भेज चुकी है।