'थानाध्यक्ष महोदय! आर्थिक तंगी से जूझ रहा हूं, अब जीना संभव नहीं'
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कोरोना संक्रमण काल में मंदी से जूझ रहे एक अधेड़ ने आत्महत्या कर ली। इसका खुलासा तब हुआ जब लाश झाडियों के पीछे से बरामद हुई और मरने वाले की जेब से थानाध्यक्ष के नाम लिखा पत्र मिला। इसमें उसने स्पष्ट किया है कि वह आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। ऐसे में अब जीवन चलाना संभव नहीं है। गुरुवार की शाम उसकी लाश मऊ जिले के हलधरपुर थाना क्षेत्र के मुबारकपुर गांव स्थित रेलवे नहर पुल के पास झाड़ियों के पीछे मिली। पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दी।
पुलिया से होकर गुजरने वाले राहगीर ने झाड़ियों के पीछे शव को देखा। राहगीर ने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस शव को कब्जे में लेकर उसकी तलाशी ली। इस दौरान मरने वाले के शर्ट की जेब से मिले पत्र ने सभी के होश उड़ा दिए। पत्र के अनुसार मृतक रविंद्र प्रसाद हलधरपुर थाने के पहसा गांव का निवासी था।
पत्र थानाध्यक्ष हलधरपुर के नाम लिखा था, इसमें पीड़ित ने आर्थिक मंदी का हवाला दिया था। साथ ही आत्महत्या करने के पीछे परिवार के किसी सदस्य का कोई दोष नही है। मेरे द्वारा यह कदम व्यापार नहीं चल पाने के चलते उठाया जा रहा है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
थानाध्यक्ष हलधरपुर डीके श्रीवास्तव ने बताया कि प्रथमदृष्टया मामला जहर खाकर आत्महत्या करने का लग रहा है।