रुपयों के लालच ने युवक को एक दिन में बना दिया अपराधी, अपने ही दोस्त के घर को कर दिया बरबाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में एक सनसनीखेज वारादात ने क्षेत्र के लोंगों को हिला कर रख दिया है। एक किशोर की उसके पिता के दोस्त ने ही अगवा कर के मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद शव को कुंए में फेंक दिया।
जिले के पवई थाना क्षेत्र के फत्तनपुर गांव में संतोष यादव अपने परिवार के साथ रहता है। इकलौता बेटा संतोष यादव का पुत्र सचिन उर्फ विष्णु यादव (14) मंगलवार रात आठ बजे घर से शौच के लिए निकला था। रास्ते में नहर के पास सचिन की मुलाकात गांव के शेखर यादव से हुई। इस दौरान शेखर ने पूछा कि कहां जा रहे तो सचिन ने कहा कि गांव के लाला यादव से मिलकर आ रहा हूं।
इसके बाद से सचिन का कोई पता नहीं चला। रात करीब दस बजे सचिन ने अपनी मां के मोबाइल पर फोन कर बताया कि उसे कुछ लोगों ने अगवा कर लिया है। ये कौन है, उसे कहां रखा है, नहीं मालूम। छोड़ने के बदले में दस लाख रुपये मांग रहे हैं। इतनी बात के बाद फोन बंद हो गया। इसके बाद सचिन और घर वालों के बीच कोई संपर्क नहीं हुआ। इकलौते बेटा अगवा होने से परिवार में कोहराम मच गया।
परिवार के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। रात से ही पुलिस सचिन की तलाश में जुट गई। उसकी तलाश के लिए सीओ फूलपुर के नेतृत्व में एसओ पवई, सर्विलांस टीम और क्राइम ब्रांच की स्वाट टीम को लगाया गया था। मंगलवार देर शाम सचिन की लाश घर के पीछे सिवान स्थित कुएं में मिली। उसके सिर में गंभीर चोट के निशान थे। शरीर के हाथ, पैर की हड्डियां भी टूट गई हैं। सचिन कक्षा नौ में पढ़ता था।
ऐसे बनाई थी अपहरण की योजना
सचिन के पिता संतोष यादव को मुंबई में खोली बेचने पर अच्छी धनराशि मिली थी। इस पैसे पर उनके परिचित रवि की नजर थी। उसने पहले संतोष से दोस्ती कर उसके साथ खाना-पीना शुरू कर दिया। विश्वास में लेने के बाद उसने सचिन को मंगलवार को अपनी प्रेमिका से मिलाने के बहाने बुलाया।
इससे पहले उसने गांव से चोरी की मोबाइल और नया सिम खरीदा था। सचिन को बहला फुसला कर वह गांव में ही स्कूल के पास ले गया और डरा-धमकाकर उसकी मां को फोन कराया। जिसमें 10 लाख की फिरौती देने की बात कही गई। एसपी त्रिवेणी सिंह ने बताया कि इसके बाद सचिन ने कहा कि वो घरवालों को सब कुछ बता देगा।
भेद खुलने के डर से पहले ईंट से सचिन के सिर पर वार किया। इसके बाद मफलर से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। शव छिपाने के लिए उसे कुएं में डाल दिया। घटना में प्रयुक्त ईंट, मफलर और मोबाइल पुलिस बरामद कर ली है। अपहरण और हत्या का खुलासा करते हुए डीआईजी मनोज तिवारी ने बताया कि आरोपी रवि को गिरफ्तार कर लिया गया है।
आक्रोशित लोगों ने पुलिस पर किया पथराव
घटना से आक्रोशित गांव वालों ने पुलिस वालों को खदेड़ लिया। साथ ही गांव के पास माहुल-पवई मार्ग पर जाम लगाकर उच्चाधिकारियों को मौके पर बुलाने की जिद पर अड़े हैं। उग्र लोगों ने जब पुलिस वालों पर पथराव करते हुए उनकी जीप फूंकने का प्रयास किया तो एसओ अहरौला ने ताबड़तोड़ कई राउंड हवा में फायरिंग की।
एसपी प्रो. त्रिवेणी सिंह मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाले। पुलिस शव को कुएं से निकालने से पहले डाग स्क्वाड की टीम को मौके पर बुलाकर जांच पड़ताल करवाई। इसके बाद ही शव को कुएं से बाहर निकाला गया। इसके बाद सचिन शव रात में ही पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया था।
शव की बरामदगी के समय गांव में हुए बवाल को देख कर पुलिस सचिन का अंतिम संस्कार आजमगढ़ में ही कराना चाहती थी। परिजनों पर दबाव बनाने पर ग्रामीण भड़क उठे। उन्होंने गुरुवार सुबह 7 बजे पवई माहुल मार्ग पर फिर जाम लगा दिया।
शव को गांव लाने और यहीं पर अंतिम संस्कार करने की बात पर अड़ गए। इस दौरान ग्रामीणों की ओर से पथराव भी किया गया। बाद में पुलिस ने उनकी मांग मानी और शव को गांव ले आने पर 8:15 बजे जाम को खोला।