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चालक-गार्ड समेत पांच पर गिरेगी गाज
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sun, 17 Jan 2016 02:28 AM IST
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बिना गार्ड ट्रेन के कैंट रेलवे स्टेशन से चौखंडी तक फर्राटा भरने के मामले की संयुक्त जांच में चार स्तरों पर चूक सामने आई है। ट्रैफिक इंस्पेक्टर (टीआई) और लोको इंस्पेक्टर (एलआई) की संयुक्त जांच रिपोर्ट उत्तर रेलवे के मंडल मुख्यालय भेज दी गई है। मामले में दो गार्ड, एक पायलट, क्रू कंट्रोलर और रोस्टर क्लर्क समेत पांच कर्मचारियों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है।
गोरखपुर से चलकर कुर्ला जाने वाली दादर एक्सप्रेस बीते गुरुवार को कैंट रेलवे स्टेशन से चौखंडी स्टेशन तक लगभग 21 किलोमीटर तक बिना गार्ड के चली गई थी। ट्रैफिक इंस्पेक्टर और लोको इंस्पेक्टर की संयुक्त जांच में चार स्तरों पर चूक सामने आई है। पहली चूक यह कि जब ट्रेन कैंट रेलवे स्टेशन पहुंची तो ट्रेन पर तैनात पूर्वोत्तर रेलवे का गार्ड जिम्मेदारी बिना हस्तांतरण किए वहां से चला गया। दूसरी चूक, उत्तर रेलवे के गार्ड की ड्यूटी लगने के बावजूद वह समय से नहीं पहुंचा। तीसरी, क्रू कंट्रोलर और रोस्टर क्लर्क के स्तर पर गार्ड की ड्यूटी चेक करने की जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं हुआ।
चौथी चूक यह कि पॉयलट बिना गार्ड से संवाद के ही ट्रेन लेकर आगे बढ़ गया। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक इन चारों स्तरों पर बाकायदा ड्यूटी आैर मॉनीटरिंग की व्यवस्था तय है। बिना गार्ड और चालक के संवाद के ट्रेन आगे बढ़नी ही नहीं चाहिए थी। ड्यूटी भी नियमानुसार चेक होनी चाहिए थी लेकिन वहां भी लापरवाही बरती गई। इन सभी बिंदुओं पर जांच रिपोर्ट मंडल मुख्यालय भेजे जाने के साथ ही संबंधित पांचों कर्मचारियों पर गाज गिरनी तय मानी जा रही है।
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गोरखपुर से चलकर कुर्ला जाने वाली दादर एक्सप्रेस बीते गुरुवार को कैंट रेलवे स्टेशन से चौखंडी स्टेशन तक लगभग 21 किलोमीटर तक बिना गार्ड के चली गई थी। ट्रैफिक इंस्पेक्टर और लोको इंस्पेक्टर की संयुक्त जांच में चार स्तरों पर चूक सामने आई है। पहली चूक यह कि जब ट्रेन कैंट रेलवे स्टेशन पहुंची तो ट्रेन पर तैनात पूर्वोत्तर रेलवे का गार्ड जिम्मेदारी बिना हस्तांतरण किए वहां से चला गया। दूसरी चूक, उत्तर रेलवे के गार्ड की ड्यूटी लगने के बावजूद वह समय से नहीं पहुंचा। तीसरी, क्रू कंट्रोलर और रोस्टर क्लर्क के स्तर पर गार्ड की ड्यूटी चेक करने की जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं हुआ।
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चौथी चूक यह कि पॉयलट बिना गार्ड से संवाद के ही ट्रेन लेकर आगे बढ़ गया। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक इन चारों स्तरों पर बाकायदा ड्यूटी आैर मॉनीटरिंग की व्यवस्था तय है। बिना गार्ड और चालक के संवाद के ट्रेन आगे बढ़नी ही नहीं चाहिए थी। ड्यूटी भी नियमानुसार चेक होनी चाहिए थी लेकिन वहां भी लापरवाही बरती गई। इन सभी बिंदुओं पर जांच रिपोर्ट मंडल मुख्यालय भेजे जाने के साथ ही संबंधित पांचों कर्मचारियों पर गाज गिरनी तय मानी जा रही है।
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