जिला कारागार का औचक निरीक्षण करने पहुंचे डीएम-एसपी, खाने में लापरवाही को लेकर लगाई फटकार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गाजीपुर जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के संयुक्त रूप से गुरुवार की सुबह जिला कारागार में औचक छापेमारी में जेल कर्मचारियों की पोल खुल गई। सभी सर्किल के क्षेत्राधिकारी और तीन थानेदार सहित सैकड़ों पुलिसकर्मियों ने तलाशी अभियान चलाया।
अभियान के तहत बैरक नंबर चार के दो मुल्जिम जेल के हास्पिटल में बेड पर मिले। इस पर जिलाधिकारी ने सीएमओ जीसी मौर्या और उनकी टीम को बुलाकर जांच कराई। अगर मुल्जिम सही है तो हास्पिटल के बेड पर कैसे पड़ा है और कैदियों के खाने-पीने की सामान में गुणवत्ता नहीं मिली। इस पर भी डीएम ने सख्त हिदायत जेल प्रशासन को दी।
जिस मानक में कैदियों के लिए 36 किलो दाल बनानी है। लेकिन यहां 15 किलो में ही कैदियों को सिमटा दिया जाता है। दाल में ही प्रोटिन होती है लेकिन कैदियों को दाल भी सही से नही मिल पा रहा है। जिस पर डीएम ने 36 किलो दाल बनवाने का आदेश दिए हैं, और व्हाट्सएप के माध्यम से शाम का दाल बनाते समय अपने मोबाइल पर भी फोटो व वीडियो मंगवाया है।
कैदियों के खाने की सब्जी में सरसों का तेल गायब मिला। सब्जी में तेल ही नहीं मिला। इस पर जेल कर्मचारियों का कहना है कि तेल बाद में पड़ता है। इस पर भी जिलाधिकारी ओमप्रकाश आर्य ने सख्त हिदायत दी कि सब्जी में तेल होना चाहिए नहीं तो कार्रवाई होगी।
बुधवार को कैदियों से मिलने आए एक युवक के पास से गांजा बरामद हुआ था, जिसपर कैदियों के एक गुट ने इसका विरोध किया तो जेल अधीक्षक ने पगली घंटी बजा दी। जिससे कैदियों में दहशत फैल गई थी। इसी को लेकर गुरुवार तड़के ही साढ़े नौ बजे डीएम व एसपी ने छापेमारी की और मुलाकातियों की भी तलाशी ली गई। इस मौके पर एडीएम राजेश सिंह, एसडीएम सदर मौजूद थे।