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गाजीपुरः लाखों रुपया लेकर चिटफंड कंपनी फरार, निवेशकों में हाहाकार
ब्यूरो, अमर उजाला, गाजीपुर
Updated Thu, 12 Oct 2017 08:13 PM IST
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रियल सनराइज केएम टेक लिमिटेड महुआबाग के नाम से चलती थी कंपनी
- फोटो : demo
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यूपी के गाजीपुर में कई वर्षों तक चलने वाली एक चिटफंड कंपनी अचानक एक रात जनता की गाढ़ी कमाई के लाखों रुपये लेकर फरार हो गई। ‘रियल सनराइज केएम टेक लिमिटेड’ नामक चिटफंड महुआबाग-गाजीपुर में चल रही थी।
कंपनी का मुख्यालय डी-48 कंपनी विधानपाली, कलकत्ता बताया गया था। कंपनी ने कई लोगों को अपना एजेंट बना रखा था। इस संबंध में जमानिया कोतवाली क्षेत्र के बड़ेसर निवासी रामजी यादव ने सदर कोतवाली में आठ लोगों के विरुद्ध धोखाधड़ी की एफआईआर कोर्ट के आदेश पर बीते सात अक्तूबर को दर्ज करायी है।
वर्ष 2012 में ‘रियल सनराइज केएम टेक लिमिटेड’ नाम की एक चिटफंड कंपनी का शहर के महुआबाग में कार्यालय खोला गया। कार्यालय खुलने के बाद कंपनी ने लोगों से संपर्क साधना शुरू किया। कुछ लोगों को झांसे में लेकर तथा लालच देकर एजेंट बनाया।
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कंपनी ने वर्ष 2014 में करंडा के भटौली गांव में वाशिंग पाउडर का एक प्लांट लगाया और लोगों को विश्वास दिलाया कि अब कंपनी का पैसा बाहर नहीं जाएगा और यहीं बेहतर व्यवसाय कर उनके पैसे को दोगुना किया जाएगा।
ऐसे में निवेशकों का और विश्वास बढ़ा और काफी पैसा कंपनी में जमा हो गया। ज्यादा कलेक्शन आने पर कंपनी ने धीरे-धीरे सक्रियता कम कर दी और वर्ष 2016 में एक दिन कंपनी ने ताला बंद कर फरार हो गई।
कंपनी का मुख्यालय डी-48 कंपनी विधानपाली, कलकत्ता बताया गया था। कंपनी ने कई लोगों को अपना एजेंट बना रखा था। इस संबंध में जमानिया कोतवाली क्षेत्र के बड़ेसर निवासी रामजी यादव ने सदर कोतवाली में आठ लोगों के विरुद्ध धोखाधड़ी की एफआईआर कोर्ट के आदेश पर बीते सात अक्तूबर को दर्ज करायी है।
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वर्ष 2012 में ‘रियल सनराइज केएम टेक लिमिटेड’ नाम की एक चिटफंड कंपनी का शहर के महुआबाग में कार्यालय खोला गया। कार्यालय खुलने के बाद कंपनी ने लोगों से संपर्क साधना शुरू किया। कुछ लोगों को झांसे में लेकर तथा लालच देकर एजेंट बनाया।
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कंपनी ने वर्ष 2014 में करंडा के भटौली गांव में वाशिंग पाउडर का एक प्लांट लगाया और लोगों को विश्वास दिलाया कि अब कंपनी का पैसा बाहर नहीं जाएगा और यहीं बेहतर व्यवसाय कर उनके पैसे को दोगुना किया जाएगा।
ऐसे में निवेशकों का और विश्वास बढ़ा और काफी पैसा कंपनी में जमा हो गया। ज्यादा कलेक्शन आने पर कंपनी ने धीरे-धीरे सक्रियता कम कर दी और वर्ष 2016 में एक दिन कंपनी ने ताला बंद कर फरार हो गई।
पैसा न लौटाने और जान से मारने की धमकी
कंपनी के एजेंट शेषनाथ सहित अन्य लोग भी फरार हो गए। इसके बाद कंपनी में पैसा जमा करने वाले लोग कंपनी के उच्चाधिकारियों के नाम और पते पर फोन करने लगे। उनके द्वारा दिए गए पते पर कोलकाता मिलने पहुंचे।
वहां कंपनी वालों ने बात की और लोगों से एक निश्चित स्थान पर मिले, लेकिन पैसा न देने और उन्हें जान से मारने की धमकी देते हुए भगा दिए। इसके बाद अन्य लोगों से फोन से संपर्क किया। कुछ लोगों ने फोन पर इस बात का आश्वासन दिया कि भुगतान जल्द हो जाएगा, लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी पैसा नहीं मिला।
इसके बाद चार जुलाई 2017 को पीड़ितों ने चिट फंड कंपनी के विरुद्ध शहर कोतवाली में तहरीर दी, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं हुई। काफी दिनों तक उच्चाधिकारियों के यहां चक्कर काटते रहे। हारकर 13 जुलाई 2017 को कोर्ट की शरण ली। फिर कोर्ट ने इस मामले में मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया।
इसके बाद सात अक्तूबर 2017 को इस प्रकरण में एफआईआर दर्ज हुई। पुलिस ने इस मामले में शेष कुमार यादव के अलावा इंद्रा देवी, अंकित यादव, शिवा प्रसाद घोस, राजेश कुमार सिंह निवासीगण पश्चिम बंगाल, सुमन कुमार घोष आगरा, सरदार अतिकूर रहमान बलिया, विश्वजीत विश्वास पश्चिम बंगाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
वहां कंपनी वालों ने बात की और लोगों से एक निश्चित स्थान पर मिले, लेकिन पैसा न देने और उन्हें जान से मारने की धमकी देते हुए भगा दिए। इसके बाद अन्य लोगों से फोन से संपर्क किया। कुछ लोगों ने फोन पर इस बात का आश्वासन दिया कि भुगतान जल्द हो जाएगा, लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी पैसा नहीं मिला।
इसके बाद चार जुलाई 2017 को पीड़ितों ने चिट फंड कंपनी के विरुद्ध शहर कोतवाली में तहरीर दी, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं हुई। काफी दिनों तक उच्चाधिकारियों के यहां चक्कर काटते रहे। हारकर 13 जुलाई 2017 को कोर्ट की शरण ली। फिर कोर्ट ने इस मामले में मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया।
इसके बाद सात अक्तूबर 2017 को इस प्रकरण में एफआईआर दर्ज हुई। पुलिस ने इस मामले में शेष कुमार यादव के अलावा इंद्रा देवी, अंकित यादव, शिवा प्रसाद घोस, राजेश कुमार सिंह निवासीगण पश्चिम बंगाल, सुमन कुमार घोष आगरा, सरदार अतिकूर रहमान बलिया, विश्वजीत विश्वास पश्चिम बंगाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।