ठेकेदार आत्महत्या : आरोपियों पर बढ़ाई जाएगी एक और अपराध की धारा, पुलिस ने शुरू किया काम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ठेकेदार अवधेश चंद्र श्रीवास्तव की आत्महत्या के मामले में कैंट थाने में दर्ज मुकदमे में भ्रष्टाचार की धारा बढ़ाई जाएगी। इसकी मांग अवधेश के परिजन कर रहे थे। पुलिस ने इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है।
कैंट थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 306(आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इसे लेकर अवधेश के परिजन संतुष्ट नहीं हैं।
ये भी पढ़ें : ठेकेदार आत्महत्या : जांच टीम ने प्रमुख सचिव को सौंपी रिपोर्ट, इसलिए खुदकुशी करने को मजबूर हुए अवधेश
अवधेश के परिजनों का कहना है कि अवधेश ने पीडब्ल्यूडी में व्याप्त भ्रष्टाचार और विभागीय अभियंताओं की मनमानी के कारण जान दी है। यह बात उन्होंने अपने छह पन्ने के सुसाइड नोट में भी विस्तार से लिखी है। इसके बावजूद पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के दौरान भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी (आपराधिक षड्यंत्र) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं छोड़ दी।
परिजनों की मांग है कि पुलिस निष्पक्ष तरीके से कार्रवाई कर आरोपियों को कठोर सजा दिलाए, ताकि दोबारा किसी के साथ ऐसा न होने पाए। उधर, कानून के जानकारों का भी कहना है कि पूरा प्रकरण भ्रष्टाचार, अभियंताओं की मनमानी और कमीशनखोरी से जुड़ा हुआ है। ऐसे में पुलिस को आपराधिक षड्यंत्र और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत भी मुकदमा दर्ज करना चाहिए। इसी को लेकर पुलिस ने प्रक्रिया शुरू कर दी है।