बलिया: रोडवेज के एआरएम ने दिया इस्तीफा, डीएम पर कालर पकड़ने और गाली देने का आरोप
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उत्तर प्रदेश सड़क परिवन निगम के बलिया में तैनात सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक बिंदु प्रसाद ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि बलिया जिलाधिकारी भवानी सिंह ने उनके ऑफिस में घुसकर कालर पकड़ लिया और घसीटते हुए पहली मंजिल पर स्थित कार्यालय से घीसटते हुए नीचे लाए और सड़क पर अपने स्क्वायड में शामिल बोलेरो में धक्का देकर बैठा दिया।
इस दौरान उन्होंने जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल कर अपमानित भी किया। प्रबंध निदेशक उत्तर प्रदेश परिवहन निगम लखनऊ को संबोधित इस्तीफा में एआरएम बिंदु प्रसाद ने बताया है कि जिला कारागार बलिया में पानी भरने के कारण कैदियों को मंडल कारागार आजमगढ़ जेल शिफ्ट करने के लिए जिलाधिकारी ने पंद्रह बसों की डिमांड की थी।
इसके बाद फौरन 15 बसों को चालक-परिचालकों के साथ जिला कारागार भेज दिया गया। एआरएम ने लिखा है कि मैं स्वयं भी मौके पर गया और बसों को सही तरीके से खड़ी करवाकर अपने कार्यालय आ गया। एआरएम ने लिखा है कि दिन में लगभग 12 बजे जिलाधिकारी, कार्यालय में आए। आते ही मेरा कालर पकड़ा और घसीटते हुए कार्यालय से बाहर लाए, फिर नीचे लाकर बोलेरो में बैठाकर जिला कारागार बलिया ले गए।
इस दौरान जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल कर अपमानित भी किया। जिलाधिकारी के इस कृत्य से मैं अपने आपको बहुत अपमानित महसूस कर रहा हूं, जिसके कारण अपने पद से इस्तीफा दे रहा हूं। उन्होंने पत्र की प्रति प्रमुख सचिव, परिवहन निगम मुख्यालय, लखनऊ, प्रधान प्रबंधक संचालन, लखनऊ, क्षेत्रीक प्रबंधक आजमगढ़ और अनुसूचित जाति आयोग को भी भेजी है।
मामले में जिलाधिकारी बलिया भवानी सिंह खंगारौत का कहना है कि कई बार फोन करने के बाद भी जब फोन नहीं उठा तो मैं ऑफिस में गया जरूर था, क्योंकि जिले में एडीजी साहब और डीआईजी दोनों आए हुए थे। जेल में पानी भरने का गंभीर मुद्दा था और कैदियों को हर हाल में यहां से दूसरे जिलों में शिफ्ट करना था। मैंने इनसे कोई दुर्व्यवहार नहीं किया।
उन्होंने कहा कि वह बिल्कुल बेबुनियाद और झूठा आरोप लगा रहे हैं। वो खुद आकर गाड़ी में बैठे थे और काफी देर तक जेल के पास रहकर इन्होंने अच्छा काम भी निपटाया। अब ये ऐसा आरोप क्यों लगा रहे हैं ये मेरी समझ से परे है। मैंने प्रबंध निदेशक उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम को एआरएम पर कठोर कार्रवाई करने के लिए पत्र लिखा है।