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कोटेदारों का 68 लाख रुपये डकार गया यूपी का विपणन विभाग

Thu, 08 Jun 2017 10:53 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, बलिया
ब्यूरो, अमर उजाला, बलिया Updated Thu, 08 Jun 2017 10:53 AM IST
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Ballia 68 Lakh rupees of pds distributors taken by marketing department of UP
डेमो - फोटो : demo pic

कोटेदारों का लाखों रुपये विपणन विभाग बलिया द्वारा हजम करने का मामला प्रकाश में आया है। एमडीएम ढुलाई का किराया बेसिक शिक्षा विभाग बलिया द्वारा वर्ष 2013 से लेकर 17 तक विपणन विभाग को आरटीजीएस के माध्यम से आरएफसी आजमगढ़ के खाते में भेजा जाता रहा।

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लेकिन विपणन विभाग ने उस पैसे से कोटेदारों का हिस्सा 68 लाख 19 हजार 351 रुपए नहीं दिया।  बताते चलें कि एमडीएम का किराया प्रति कुंतल 75 रुपये बेसिक विभाग द्वारा विपणन विभाग को दिया जाता है। जिसमें से आधा किराया कोटेदारों का होता है।
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ऐसे में काफी दिनों से पैसा न मिलने के कारण इंटक के जिलाध्यक्ष विनोद सिंह ने जिलापूर्ति अधिकारी को पत्र लिखा तो पता चला कि वर्ष 2013 से लेकर 17 तक बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा धन को आजमगढ़ के खाते में भेजा जाता रहा है।
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वर्ष 2013-14 में 34 लाख 28 हजार आठ सौ 80 रुपये, वर्ष 2014-15 में 30 लाख 59 हजार 660 रुपए, वर्ष 15 -16 में 37लाख 29 हजार 212 रुपये, वर्ष 16-17 में 24 लाख 20 हजार 950 रुपये इस तरह कुल मिलाकर 1 करोड़ 26 लाख 38 हजार 702 रुपए भेजे गए हैं।

जिसमें कोटेदारों का 50 प्रतिशत हिस्सा 68 लाख 19 हजार 351 रुपए बनता है। जिसका विभाग ने आज तक भुगतान नहीं किया। इस संबंध में बेसिक शिक्षा विभाग के जिला समन्वयक एमडीएम अजीत पाठक ने बताया कि वर्ष 13 से 17 तक नियमानुसार आरएफसी विभाग आजमगढ़ के खाते में पैसा भेजा गया है।


डिप्टी आरएमओ नरेंद्र तिवारी ने कहा कि कोटेदार जब अपना बिल प्रस्तुत करेंगे तब उन्हें आजमगढ़ से पैसा उपलब्ध कराया जाएगा। कोई भी कोटेदार जब अपना बिल प्रस्तुत करता है तब ही पैसे का भुगतान किया जाता है।

अगर कोटेदार अपना बिल ही प्रस्तुत नहीं करेगा तो उसके धन का भुगतान कैसे किया जाएगा। वैसे धन का भुगतान आरएफसी विभाग आजमगढ़ द्वारा ही होता है।

 

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