{"_id":"5ed90f0f8ebc3e90896a2de6","slug":"a-girl-was-raped-in-the-name-of-getting-a-job-in-a-call-center","type":"story","status":"publish","title_hn":"वाराणसी: कॉल सेंटर में जॉब दिलाने के नाम पर युवती से लिया पैसा, अश्लील वीडियो बनाकर तीन वर्षों तक दुष्कर्म","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
वाराणसी: कॉल सेंटर में जॉब दिलाने के नाम पर युवती से लिया पैसा, अश्लील वीडियो बनाकर तीन वर्षों तक दुष्कर्म
Thu, 04 Jun 2020 08:41 PM IST
स्वाधीन तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: स्वाधीन तिवारी
Updated Thu, 04 Jun 2020 08:41 PM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कॉल सेंटर में जॉब दिलाने के नाम पर एक युवती से पैसा लेकर दुष्कर्म किया गया। इसके बाद उसका अश्लील वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में वायरल करने की धमकी देकर तीन वर्षों तक शारीरिक शोषण किया गया। प्रकरण की शिकायत मिलने पर कैंट थाने की पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर गुरुवार को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
विज्ञापन
वाराणसी के मंडुवाडीह थाना क्षेत्र की युवती के अनुसार, लगभग तीन वर्ष पूर्व वह जॉब की तलाश में लहुराबीर स्थित एक प्राइवेट कॉल सेंटर में गई थी। कॉल सेंटर के संचालक गाजीपुर के जखनिया क्षेत्र के मीरपुर के मूल निवासी और नदेसर क्षेत्र की अनंता नगर कॉलोनी में रहने वाले मनोज सिंह ने उससे 20 हजार रुपये जमा कराए।
विज्ञापन
इसके साथ ही कई किश्तों में हजारों रुपये वसूलने के बाद उसे झांसा देकर नदेसर बुलाया। नदेसर में मनोज ने उसके साथ दुष्कर्म कर उसका अश्लील वीडियो बनाया और फोटो खींची। विरोध करने पर वीडियो और फोटो को सोशल मीडिया में वायरल करने की धमकी देकर पैसा वसूलने लगा। बीती 15 मई को पुनः मनोज उसे नदेसर बुलाकर पैसा मांगा और इंकार करने पर उसे मारापीटा गया।
विज्ञापन
पीड़िता ने घटना के दो दिन बाद पुलिस से गुहार लगाई। कैंट थाने की पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़िता की तहरीर पर आरोपी मनोज सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। इंस्पेक्टर कैंट अश्वनी चतुर्वेदी ने बताया कि सूचना मिली कि मनोज मिंट हाउस के समीप मौजूद है तो सब इंस्पेक्टर श्यामा तिवारी के साथ घेरेबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। अदालत में मनोज को पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।