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सपा नेता पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज, कॉलेज में दाखिला कराने को लिए थे 34 लाख
ब्यूरो,अमर उजाला,आजमगढ़
Updated Tue, 23 May 2017 02:21 PM IST
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मुंबई में धोखाधड़ी के एक अन्य मामले में गिरफ्तार हुआ है
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आजमगढ़ जिले के आमगांव निवासी बीडीसी व खुद को सपा नेता बताने वाले ठाकुर मनोज सिंह पर रविवार को धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पीड़ित अशोक यादव ने तहरीर में आरोप लगाया है कि वाराणसी के एक मेडिकल कालेज में दाखिला कराने के लिए वर्ष 2015 में 34 लाख रुपये ठाकुर मनोज सिंह ने लिए थे।
दाखिला न होने पर 24 लाख रुपये तो लौटा दिए जबकि 10 लाख रुपये अब तक नहीं वापस किए। मांगने पर अपनी पहुंच की धौंस जमाते हुए धमकी दे रहा है। पुलिस केस दर्ज कर मामले की जांच में जुटी हुई है।
आवास विकास कालोनी कानपुर के रहने वाले अशोक यादव ने दीदारगंज के आमगांव निवासी ठाकुर मनोज सिंह के खिलाफ दीदारगंज थाने में दी गई तहरीर में कहा है कि प्रदेश में सपा शासन में मनोज का अक्सर लखनऊ में आना-जाना था। वहीं उससे मुलाकात हुई।
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इस दौरान अशोक यादव ने अपनी बेटी का दाखिला वाराणसी स्थित एक मेडिकल कालेज में कराने का आग्रह किया। इस पर मनोज ने कहा कि हमारी वाराणसी के एक मेडिकल कालेज में अच्छी जान पहचान है, वह एडमिशन करा देंगे।
मनोज के झांसे में आकर अशोक यादव ने वर्ष 2015 में उसे एकमुश्त 34 लाख रुपये दिया। अशोक यादव ने यह रकम मनोज को उसके पैतृक गांव आमगांव आकर दी। बावजूद इसके ठाकुर मनोज सिंह एडमिशन नहीं करवा सका। दाखिला न होने पर अशोक यादव ने दी गई रकम वापस मांगी।
दबाव डालने पर मनोज यादव ने 24 लाख रुपये लौटा दिया। लेकिन 10 लाख रुपये अब तक नहीं दिया। उल्टे अपनी पहुंच का धौंस दिखाते हुए अशोक को चुप करा दिया। उधर पांच दिन पूर्व धोखाधड़ी के एक मामले में ठाकुर मनोज सिंह को मुंबई की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
मनोज के पकड़े जाने के बाद अशोक यादव ने रविवार को दीदारगंज थाने पहुंचे और मनोज सिंह के विरुद्ध थाने में केस दर्ज कराया।
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दाखिला न होने पर 24 लाख रुपये तो लौटा दिए जबकि 10 लाख रुपये अब तक नहीं वापस किए। मांगने पर अपनी पहुंच की धौंस जमाते हुए धमकी दे रहा है। पुलिस केस दर्ज कर मामले की जांच में जुटी हुई है।
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आवास विकास कालोनी कानपुर के रहने वाले अशोक यादव ने दीदारगंज के आमगांव निवासी ठाकुर मनोज सिंह के खिलाफ दीदारगंज थाने में दी गई तहरीर में कहा है कि प्रदेश में सपा शासन में मनोज का अक्सर लखनऊ में आना-जाना था। वहीं उससे मुलाकात हुई।
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इस दौरान अशोक यादव ने अपनी बेटी का दाखिला वाराणसी स्थित एक मेडिकल कालेज में कराने का आग्रह किया। इस पर मनोज ने कहा कि हमारी वाराणसी के एक मेडिकल कालेज में अच्छी जान पहचान है, वह एडमिशन करा देंगे।
मनोज के झांसे में आकर अशोक यादव ने वर्ष 2015 में उसे एकमुश्त 34 लाख रुपये दिया। अशोक यादव ने यह रकम मनोज को उसके पैतृक गांव आमगांव आकर दी। बावजूद इसके ठाकुर मनोज सिंह एडमिशन नहीं करवा सका। दाखिला न होने पर अशोक यादव ने दी गई रकम वापस मांगी।
दबाव डालने पर मनोज यादव ने 24 लाख रुपये लौटा दिया। लेकिन 10 लाख रुपये अब तक नहीं दिया। उल्टे अपनी पहुंच का धौंस दिखाते हुए अशोक को चुप करा दिया। उधर पांच दिन पूर्व धोखाधड़ी के एक मामले में ठाकुर मनोज सिंह को मुंबई की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
मनोज के पकड़े जाने के बाद अशोक यादव ने रविवार को दीदारगंज थाने पहुंचे और मनोज सिंह के विरुद्ध थाने में केस दर्ज कराया।
खुद को बताता था बड़ा कद्दावर नेता
samajwadi party
बता दें कि ठाकुर मनोज सिंह पहले अपने आप को राजद का प्रवक्ता बताता था। उसके आजमगढ़ में बड़ी-बड़ी होर्डिंग और पोस्टर लगते थे। बाद में प्रदेश में सपा की सरकार बनने के बाद वह सपा में चला गया और अपने को समाजवादी पार्टी का महाराष्ट्र प्रदेश सचिव बताता था।
आजमगढ़ में सपा के किसी भी बड़े पदाधिकारी के आने पर बड़ी-बड़ी होर्डिंग टंगवाता था। उधर, सपा के जिला सचिव एसके सत्येन ने बताया कि ठाकुर मनोज का सपा से कोई लेना देना नहीं है। वह बड़े नेताओं के पीछे खड़े होकर फोटो खिंचवाने का काम करते हैं।
आजमगढ़ में सपा के किसी भी बड़े पदाधिकारी के आने पर बड़ी-बड़ी होर्डिंग टंगवाता था। उधर, सपा के जिला सचिव एसके सत्येन ने बताया कि ठाकुर मनोज का सपा से कोई लेना देना नहीं है। वह बड़े नेताओं के पीछे खड़े होकर फोटो खिंचवाने का काम करते हैं।