{"_id":"5c9e7c5ebdec22141231f863","slug":"21553890398-varanasi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीएचयू को शोध और अनुसंधान में मदद करेगी सीआईएल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीएचयू को शोध और अनुसंधान में मदद करेगी सीआईएल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। कोल इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन एके झा ने कहा कि हमारे पास आने वाले सौ सालों के लिए कोयले का पर्याप्त भंडार है। सीआईएल (कोल इंडिया लिमिटेड) दुनिया का सबसे बड़ा कोयला उत्पादक और देश की 84 फीसदी ऊर्जा जरूरतों को पूरा कर रही है। हमारे पास सात सौ से अधिक कोयले की खाने हैं। वह शुक्र वार को बीएचयू आईआईटी के माइनिंग इंजीनियरिंग विभाग में कोयला खनन चुनौतियां और जिम्मेदारियों पर आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने इंजीनियरिंग के छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि यहां मौजूद हर छात्र सीआईएल का अध्यक्ष बनने में सक्षम है। जब आप बाजार में जाते हैं तो आपको अपनी कीमत का अंदाजा लगता है। कोल इंडिया स्टाक मार्केट में 15000 करोड़ रुपये की हिस्सेदारी रखता है। कोल इंडिया को अपने विशाल लक्ष्य को हासिल करने के लिए बहुत सारे प्रतिभाशाली खनन इंजीनियरों की आवश्यकता है। खनन केवल एक पेशा नहीं, यह चुनौती है। शोध को उतना महत्व नहीं मिल रहा, जितना मिलना चाहिए। इसमें बीएचयू को एक महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी। 2030 में 13 सो मिलियन टन कोयले की जरूरत है। यूरिया को गैस और गैस को यूरिया में बदलकर यूरिया का उत्पादन किया जाना है। इस पर कार्य चल रहा है और विदेशों में प्रचलित तकनीक कोल बेड मीथेन का पायलट प्रोजेक्ट आजमाया जा रहा है। एक बिलियन टन कोयल उत्पादन का लक्ष्य प्रतिभाशाली खनन टीम के बिना संभव नहीं हो सकता है। सीआईएल बीएचयू को आरएंडडी एंडोर्समेंट में मदद करने के लिए तैयार है लेकिन संस्थान को भी उद्योग क्षेत्र में काम के लिए आगे आना होगा।
समारोह की शुरूआत में महामना मदन मोहन मालवीय के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। विभागाध्यक्ष प्रो. एसके शर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर सीएमडी एनसीएल पीके सिन्हा, निदेशक एंड प्लानिंग एंड प्रोजेक्ट्स पीएम प्रसाद, एके अग्रवाल, एमके सिंह, पीके बिस्वाल, जेपी द्विवेदी, एम के प्रसाद, एस झा, दिवाकर श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने इंजीनियरिंग के छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि यहां मौजूद हर छात्र सीआईएल का अध्यक्ष बनने में सक्षम है। जब आप बाजार में जाते हैं तो आपको अपनी कीमत का अंदाजा लगता है। कोल इंडिया स्टाक मार्केट में 15000 करोड़ रुपये की हिस्सेदारी रखता है। कोल इंडिया को अपने विशाल लक्ष्य को हासिल करने के लिए बहुत सारे प्रतिभाशाली खनन इंजीनियरों की आवश्यकता है। खनन केवल एक पेशा नहीं, यह चुनौती है। शोध को उतना महत्व नहीं मिल रहा, जितना मिलना चाहिए। इसमें बीएचयू को एक महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी। 2030 में 13 सो मिलियन टन कोयले की जरूरत है। यूरिया को गैस और गैस को यूरिया में बदलकर यूरिया का उत्पादन किया जाना है। इस पर कार्य चल रहा है और विदेशों में प्रचलित तकनीक कोल बेड मीथेन का पायलट प्रोजेक्ट आजमाया जा रहा है। एक बिलियन टन कोयल उत्पादन का लक्ष्य प्रतिभाशाली खनन टीम के बिना संभव नहीं हो सकता है। सीआईएल बीएचयू को आरएंडडी एंडोर्समेंट में मदद करने के लिए तैयार है लेकिन संस्थान को भी उद्योग क्षेत्र में काम के लिए आगे आना होगा।
विज्ञापन
समारोह की शुरूआत में महामना मदन मोहन मालवीय के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। विभागाध्यक्ष प्रो. एसके शर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर सीएमडी एनसीएल पीके सिन्हा, निदेशक एंड प्लानिंग एंड प्रोजेक्ट्स पीएम प्रसाद, एके अग्रवाल, एमके सिंह, पीके बिस्वाल, जेपी द्विवेदी, एम के प्रसाद, एस झा, दिवाकर श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन