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दांव पर नगर निगम की साख, चार दिन बाद भी नहीं हटा राख
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वाराणसी। नगर निगम की लापरवाही के चलते शहर के चौराहे, सड़कें और गलियां कूड़ाघर बनी हुई हैं। पांच दिन पहले जिले भर में 22 सौ ज्यादा जगहों पर होलिका दहन किया गया। उसके बाद छुट्टी और फिर अफसरों की लापरवाही के चलते राख और लकड़ियां सड़कों और चौराहों पर जस की तस पड़ी हैं। पांच दिन बाद भी शहर की सफाई व्यवस्था बदहाल है और जगह-जगह कूड़े का अंबार है। अफसरों की मानें तो शहर में चार हजार मीट्रिक टन से ज्यादा कूड़ा सड़कों पर है। शहर को साफ करने और सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाने में कम से कम तीन दिन लग जाएंगे।
शहर में चार दिन से कूड़े का उठान नहीं हो पा रहा है। जहां भी कूड़ा है वह उसी तरह पड़ा हुआ है। जो डोर-ट्रू-डोर कूड़ा उठान वाली एजेंसियां हैं वह भी सफ ाईकर्मियों की अनुपस्थिति के कारण लाचार हैं। ऐसे में शहरी क्षेत्र की गलियों, चौराहों व सड़कों के किनारे कूड़े के ढेर पड़े हैं। जो छोटे कंटेनर हैं वह भी कूड़े से भरे पड़े हैं। हालांकि जहां भी कूड़ा घर है वहां जेसीबी से कूड़े को करसड़ा प्रोसेसिंग प्लांट भेज दिया गया है लेकिन होली के बाद के कूड़ा जहां तहां पड़ा है। वहीं होलिका दहन की राख भी चौराहों पर भी पड़ी रही। होली के बाद छुट्टी और शनिवार व रविवार की छुट्टी के कारण सफाईकर्मियाें ने काम नहीं किया। कूड़े का दबाव होने के बावजूद सफाई कर्मियों की छुट्टियों ने निगम की मुसीबतों को बढ़ा दिया है। होली पर तीन दिन की छुट्टी पड़ने के बाद शनिवार को कार्यालय तो खुला था लेकिन अगले दिन रविवार होने के कारण अधिकतर सफाई कर्मी छुट्टी पर रहे।
साकेत नगर, नरिया, भेलुपुर, नदेसर, सारनाथ, पंचक्रोशी मार्ग, भोजूबीर, अर्दली बाजार, मड़ौली, चांदपुर, मैदागिन, विश्वेश्वगंज, लहुराबीर, जगतगंज, चौकाघाट, सारनाथ, पांडेयपुर, गोदौलिया सहित प्रमुख मार्गो पर होलिका की राख और लकड़ियों के अवशेष पड़े हैं। जिले में 2223 जगहों पर होलिका दहन हुआ है। हवा चलने पर राख उड़ने से आवागमन में काफी परेशानी हो रही है। कूड़ा घरों से लेकर सड़कों पर गंदगी फैली है। पशुओं के चलते कचरा सड़कों तक फैल रहा है।
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शहर में चार दिन से कूड़े का उठान नहीं हो पा रहा है। जहां भी कूड़ा है वह उसी तरह पड़ा हुआ है। जो डोर-ट्रू-डोर कूड़ा उठान वाली एजेंसियां हैं वह भी सफ ाईकर्मियों की अनुपस्थिति के कारण लाचार हैं। ऐसे में शहरी क्षेत्र की गलियों, चौराहों व सड़कों के किनारे कूड़े के ढेर पड़े हैं। जो छोटे कंटेनर हैं वह भी कूड़े से भरे पड़े हैं। हालांकि जहां भी कूड़ा घर है वहां जेसीबी से कूड़े को करसड़ा प्रोसेसिंग प्लांट भेज दिया गया है लेकिन होली के बाद के कूड़ा जहां तहां पड़ा है। वहीं होलिका दहन की राख भी चौराहों पर भी पड़ी रही। होली के बाद छुट्टी और शनिवार व रविवार की छुट्टी के कारण सफाईकर्मियाें ने काम नहीं किया। कूड़े का दबाव होने के बावजूद सफाई कर्मियों की छुट्टियों ने निगम की मुसीबतों को बढ़ा दिया है। होली पर तीन दिन की छुट्टी पड़ने के बाद शनिवार को कार्यालय तो खुला था लेकिन अगले दिन रविवार होने के कारण अधिकतर सफाई कर्मी छुट्टी पर रहे।
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साकेत नगर, नरिया, भेलुपुर, नदेसर, सारनाथ, पंचक्रोशी मार्ग, भोजूबीर, अर्दली बाजार, मड़ौली, चांदपुर, मैदागिन, विश्वेश्वगंज, लहुराबीर, जगतगंज, चौकाघाट, सारनाथ, पांडेयपुर, गोदौलिया सहित प्रमुख मार्गो पर होलिका की राख और लकड़ियों के अवशेष पड़े हैं। जिले में 2223 जगहों पर होलिका दहन हुआ है। हवा चलने पर राख उड़ने से आवागमन में काफी परेशानी हो रही है। कूड़ा घरों से लेकर सड़कों पर गंदगी फैली है। पशुओं के चलते कचरा सड़कों तक फैल रहा है।
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