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पुलिस पर हमले के 14 आरोपी जेल गए, 24 का शांतिभंग के आरोप में चालान

Thu, 31 Oct 2019 01:33 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 31 Oct 2019 01:33 AM IST
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हरसोस गांव में पुलिसकर्मियों को बंधक बनाने, हमला करने और सरकारी पिस्टल लूटने के आरोप में वायरल वीडियो के आधार पर गिरफ्तार 14 लोगों को बुधवार को अदालत में पेश किया गया। अदालत ने सभी को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। वहीं, गांव के 24 अन्य लोगों का शांतिभंग के आरोप में चालान किया गया। इस बीच गांव में तीसरे दिन भी पुलिस तैनात रही और रूट मार्च कर ग्रामीणों से शांतिपूर्वक रहने की अपील की। हालांकि जिन दो आरोपियों राजन और दिल्ली राजभर को पुलिस पकड़ने आई थी, उनका पता नहीं लग सका। इस बीच गांव में सन्नाटा पसरा रहा और चट्टी-चौराहों की दुकानें बंद रहीं।
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जंसा थाना के हरसोस गांव में सोमवार की रात जौनपुर जिले की क्राइम ब्रांच ने छापेमारी की। क्राइम ब्रांच हत्या के प्रयास और लूट के मामले में राजन राजभर और दिल्ली राजभर को पकड़ कर ले जा रही थी। इसी बीच दोनों ने अपहरण का शोर मचाया तो ग्रामीणों ने घेरकर पुलिस कर्मियों को बंधक बना लिया। ग्रामीणों के हमले में रोहनिया इंस्पेक्टर सहित छह पुलिसकर्मी घायल हो गए और जौनपुर क्राइम ब्रांच की पिस्टल, मोबाइल व पैसे लूट लिए गए। पुलिस ने सर्च ऑपरेशन चला कर सरकारी पिस्टल और कारतूस बरामद कर लिया था। ग्रामीणों का आरोप है कि सर्च आपरेशन के दौरान पुलिस ने महिलाओं की पिटाई कर घरों में जमकर तोड़फोड़ की। एसपी ग्रामीण मार्तंड प्रकाश सिंह ने बताया कि घटना के वीडियो के आधार पर 14 ग्रामीणों को चिह्नित कर उन्हें जेल भेजा गया है। 24 अन्य ग्रामीणों का शांतिभंग के आरोप में चालान किया गया है।
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सपा की मांग, निर्दोष लोगों की पिटाई की हो उच्चस्तरीय जांच
सपा नेताओं का प्रतिनिधिमंडल बुधवार को हरसोस गांव पहुंचा। सपा नेताओं ने मांग की है कि निर्दोष लोगों की पिटाई की उच्चस्तरीय जांच करा कर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। निर्दोष ग्रामीणों को न्याय मिलने तक सपाई चुप नहीं बैठेंगे।
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क्षेत्र पंचायत सदस्य अक्षय राजभर ने समाजवादी पार्टी के नेताओं से कहा कि निर्दोष लोगों को पुलिस झूठे आरोप में फंसा रही है। आप सभी लोग मदद कर निर्दोष लोगों को पुलिस की कार्रवाई से बचाएं। चंदौली के पूर्व सांसद रामकिशुन यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी हरसोस गांव में पुलिस की बर्बरता की निंदा करती है। पूर्व मंत्री सुरेंद्र पटेल ने कहा कि पूरे प्रकरण से पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को अवगत कराएंगे। निर्दोष लोगों को फर्जी तरीके से फंसाने और पिटाई के मामले में यदि कार्रवाई नहीं हुई तो सड़क से लेकर संसद तक लड़ाई लड़ी जाएगी। सपा जिलाध्यक्ष डॉ. पीयूष यादव ने कहा कि भाजपा सरकार की विफलता का ज्वलंत उदाहरण हरसोस गांव की घटना है। पीड़ितों को न्याय मिलने तक समाजवादी पार्टी उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष करेगी। इस दौरान पूर्व विधायक महेंद्र पटेल, महानगर अध्यक्ष राजकुमार जायसवाल, महानगर सचिव रमेश राजभर, जिला पंचायत सदस्य शीतला प्रसाद यादव सहित कई अन्य सपा नेता और जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि योगीराज सिंह पटेल व ग्राम प्रधान राममूरत मौजूद रहे।
घर में सोया था हमारा बेटा, फिर भी खींच ले गई पुलिस
हरसोस गांव की महिलाएं अपनी मड़ई में बैठ कर घर के पुरुषों के वापस लौटने का इंतजार कर रही हैं। पुलिस की कार्रवाई के डर से घर छोड़ कर भागे पुरुष बुधवार को भी वापस नहीं लौटे। वहीं, जिन लोगों के घरों में पुलिस ने तोड़फोड़ की थी, पुरुषों के न होने के कारण उनकी मरम्मत भी नहीं की जा सकी है।
बुजुर्ग लक्ष्मीना देवी रोते हुए बुधवार को कहीं कि हमारा एकलौता बेटा घर में सोया हुआ था और पुलिस से मारपीट की घटना में शामिल नहीं था। इसके बाद भी पुलिस उसे जबरन खींच ले गई। बेटे के अलावा कोई और सहारा नहीं हैं। बुजुर्ग धर्मा देवी ने बताया कि उनके बेटे शिव कुमार को भी पुलिस घर से जबरन ले गई है। पुलिस से मारपीट की घटना में वह शामिल नहीं था। सुशीला राजभर ने बताया कि उसके पति ओमप्रकाश मजदूरी करते हैं। मारपीट की घटना में वह शामिल नहीं थे और घर पर थे। इसके बावजूद पुलिस ने ऐसे पीटा है कि उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। सुशीला ने कहा कि उसकी बेटी सुमन की 22 नवंबर को शादी होनी है। समझ में नहीं आ रहा है कि बेटी की शादी कैसे होगी। अजय प्रजापति ने भी नाहक में बर्बर तरीके से पुलिस पर पीटने का आरोप लगाया।

गांव में खुला शराब ठेका भी घटना को तूल पकड़ाया
हरसोस गांव में राजभर बस्ती के समीप स्थित शराब ठेेके को भी ग्रामीणों ने माहौल बिगाड़ने का एक बड़ा कारण बताया। बलराम महाराज ने कहा कि जहां पुलिस से मारपीट हुई थी, उसी के समीप शराब ठेका है। शराब पीने के आदी नशे में धुत होकर कुछ समझ ही नहीं पाए होंगे कि वह क्या कर रहे हैं और उनकी करनी का परिणाम क्या होगा। क्षेत्र पंचायत सदस्य इछावर राजभर ने कहा कि सोमवार रात की घटना नासमझी की वजह से हुई। पुलिस को ग्रामीणों से समन्वय स्थापित कर कार्रवाई करनी चाहिए थी और स्थानीय थाने की पुलिस साथ लेकर आना चाहिए था।
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