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लेनदेन के विवाद में हुई थी दिव्यांग दुकानदार की हत्या
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वाराणसी। सथवा के पूर्व प्रधान राजेश पटेल के अपहरण और दिव्यांग चाय-पान विक्रेता दिलीप पटेल की हत्या की अहम वजह साढ़े तीन लाख रुपये के लेनदेन का विवाद था। एक लाख के इनामी बदमाश झुन्ना पंडित के गुर्गे दीपक राजभर उर्फ मान्या और शैलेश पटेल ने पुलिस की पूछताछ में यह जानकारी दी। दीपक और शैलेश को शुक्रवार को दीनदयाल अस्पताल से पुलिस ने अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
ऐढ़े में रिंग रोड के समीप गुरुवार की रात पुलिस मुठभेड़ में 25 हजार के इनामी बदमाश दीपक राजभर और 15 हजार के इनामी बदमाश शैलेश पटेल को गिरफ्तार किया गया। दोनों ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि झुन्ना और राजेश सहित अन्य सभी लोग एक-दूसरे को पहले से जानते हैं। जमीन से जुड़े एक मामले में झुन्ना का कहना था कि उसे राजेश से साढ़े तीन लाख रुपये लेना है। वहीं, राजेश के अनुसार ऐसा कुछ नहीं था और वह पैसा नहीं दे रहा था।
बीती 28 अगस्त की रात शराब के नशे में झुन्ना ने राजेश को फोन किया तो उसने फिर पैसा देने से मना कर दिया। इससे गुस्साकर नशे में धुत झुन्ना अपने गिरोह के बदमाशों के साथ मढ़वा से राजेश को अगवा कर उसकी जमकर पिटाई की। राजेश के साथ दिलीप का छोटा भाई प्रदीप रहता था, इस वजह से झुन्ना उससे खार खाया हुआ था। राजेश की पिटाई के बाद प्रदीप ने झुन्ना के गुर्गों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया तो उसकी नाराजगी और बढ़ गई।
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तीन सितंबर को दिलीप की दुकान पर प्रदीप को खोजते हुए झुन्ना और रवि पटेल गए थे। प्रदीप के बारे में पूछने पर दिलीप ने अपशब्दों का प्रयोग किया तो झुन्ना और रवि ने उस पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस संबंध में इंस्पेक्टर कैंट अश्वनी कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि पूछताछ में दोनों बदमाशों से झुन्ना गिरोह के बारे में अहम जानकारियां मिली हैं। मिलीं जानकारियों के आधार पर बदमाशों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हत्या के बाद सड़क मार्ग से नई दिल्ली गया झुन्ना
दोनों बदमाशों से पुलिस को यह जानकारी भी मिली कि दिलीप की हत्या के बाद झुन्ना सड़क मार्ग से स्कार्पियो से नई दिल्ली गया। इसके बाद जयपुर गया और फिर वापस नई दिल्ली लौट आया। इस दौरान वह अपने करीबियों के संपर्क में बना रहा। पुलिस ने झुन्ना के घर पर दबिश दी तो उसने अपने सारे मोबाइल स्विच ऑफ कर लिए। इसके बाद जिससे बात करने का मन हुआ, उसी से झुन्ना ने संपर्क किया।
राजातालाब में मिलने आए सफेदपोशों की पुलिस को तलाश
पुलिस को यह पता लगा है कि दिलीप की हत्या के बाद जब झुन्ना भाग रहा था तो राजातालाब में उससे सफेद रंग की दो स्कार्पियो सवार लोगों ने मुलाकात की थी और पैसे दिए थे। बताया जा रहा कि स्कार्पियो सवार लोग पड़ोस के जिलों के सफेदपोश थे और असलहाधारियों की सुरक्षा घेरे में थे। पुलिस उन सफेदपोशों के नाम और पते की तस्दीक का प्रयास कर रही है। इसके अलावा कैंट और सारनाथ क्षेत्र में झुन्ना की शह पर विवादित जमीनों पर अवैध कब्जा करने वालों को भी पुलिस सूचीबद्ध कर रही है। साथ ही, यह भी पता लगाया जा रहा है कि रिंग रोड के किनारे स्थित किन जमीनों के काश्तकारों के साथ झुन्ना के करीबी संबंध हैं।
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ऐढ़े में रिंग रोड के समीप गुरुवार की रात पुलिस मुठभेड़ में 25 हजार के इनामी बदमाश दीपक राजभर और 15 हजार के इनामी बदमाश शैलेश पटेल को गिरफ्तार किया गया। दोनों ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि झुन्ना और राजेश सहित अन्य सभी लोग एक-दूसरे को पहले से जानते हैं। जमीन से जुड़े एक मामले में झुन्ना का कहना था कि उसे राजेश से साढ़े तीन लाख रुपये लेना है। वहीं, राजेश के अनुसार ऐसा कुछ नहीं था और वह पैसा नहीं दे रहा था।
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बीती 28 अगस्त की रात शराब के नशे में झुन्ना ने राजेश को फोन किया तो उसने फिर पैसा देने से मना कर दिया। इससे गुस्साकर नशे में धुत झुन्ना अपने गिरोह के बदमाशों के साथ मढ़वा से राजेश को अगवा कर उसकी जमकर पिटाई की। राजेश के साथ दिलीप का छोटा भाई प्रदीप रहता था, इस वजह से झुन्ना उससे खार खाया हुआ था। राजेश की पिटाई के बाद प्रदीप ने झुन्ना के गुर्गों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया तो उसकी नाराजगी और बढ़ गई।
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तीन सितंबर को दिलीप की दुकान पर प्रदीप को खोजते हुए झुन्ना और रवि पटेल गए थे। प्रदीप के बारे में पूछने पर दिलीप ने अपशब्दों का प्रयोग किया तो झुन्ना और रवि ने उस पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस संबंध में इंस्पेक्टर कैंट अश्वनी कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि पूछताछ में दोनों बदमाशों से झुन्ना गिरोह के बारे में अहम जानकारियां मिली हैं। मिलीं जानकारियों के आधार पर बदमाशों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हत्या के बाद सड़क मार्ग से नई दिल्ली गया झुन्ना
दोनों बदमाशों से पुलिस को यह जानकारी भी मिली कि दिलीप की हत्या के बाद झुन्ना सड़क मार्ग से स्कार्पियो से नई दिल्ली गया। इसके बाद जयपुर गया और फिर वापस नई दिल्ली लौट आया। इस दौरान वह अपने करीबियों के संपर्क में बना रहा। पुलिस ने झुन्ना के घर पर दबिश दी तो उसने अपने सारे मोबाइल स्विच ऑफ कर लिए। इसके बाद जिससे बात करने का मन हुआ, उसी से झुन्ना ने संपर्क किया।
राजातालाब में मिलने आए सफेदपोशों की पुलिस को तलाश
पुलिस को यह पता लगा है कि दिलीप की हत्या के बाद जब झुन्ना भाग रहा था तो राजातालाब में उससे सफेद रंग की दो स्कार्पियो सवार लोगों ने मुलाकात की थी और पैसे दिए थे। बताया जा रहा कि स्कार्पियो सवार लोग पड़ोस के जिलों के सफेदपोश थे और असलहाधारियों की सुरक्षा घेरे में थे। पुलिस उन सफेदपोशों के नाम और पते की तस्दीक का प्रयास कर रही है। इसके अलावा कैंट और सारनाथ क्षेत्र में झुन्ना की शह पर विवादित जमीनों पर अवैध कब्जा करने वालों को भी पुलिस सूचीबद्ध कर रही है। साथ ही, यह भी पता लगाया जा रहा है कि रिंग रोड के किनारे स्थित किन जमीनों के काश्तकारों के साथ झुन्ना के करीबी संबंध हैं।