बच्ची को गर्म चिमटा से दागने के मामले में जांच कर रही कमेटी, 24 घंटे में देगी रिपोर्ट
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खाना मांगने पर तीन साल की मासूम को गर्म चिमटे से दागने के मामले में मंगलवार को सीडीओ गौरांग राठी, महिला आयोग की सदस्य मीना चौबे समेत जिला प्रोबेशन अधिकारी ने लहुराबीर स्थित काशी अनाथालय में जांच की। इन सभी की जांच में गड़बड़ियां उजागर हुईं।
सीडीओ गौरांग राठी ने बताया कि जांच रिपोर्ट तैयार कर डीएम को सौंपी जाएगी। सीडब्लूसी के चेयरमैन, बाल संरक्षण अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी को संयुक्त रूप में 24 घंटे के अंदर जांच रिपोर्ट मांगी गई है। जांच रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई होगी।
सीडीओ के अनुसार बच्चियों एवं पीड़ित बालिका से बात की गई। पहली नजर में पता चला कि वार्डन एवं खाना बनाने वाली दाई की लापरवाही से यह हादसा हुआ है। संस्था में साफ-सफाई ठीक थी।
बच्चों एवं स्टाफ के रिकार्ड मेंटेन करने को कहा गया। साथ इस संस्था को और विकसित करने के लिए कहा गया। सीडीओ के निर्देश के क्रम में वार्डन माधुरी सिंह को निलंबित करते हुए उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
वहीं महिला आयोग की सदस्य मीना चौबे ने बताया कि बाल विकास अधिकारी और जिला प्रोबेशन अधिकारी को जल्द अपनी रिपोर्ट तैयार कर देने की बात कही है। उधर अनाथालय के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि वार्डेन को निलंबित कर दिया गया है।
इसके अलावा चेतगंज थाने में उनके खिलाफ धारा 324 और जेजे एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है। उधर आगमन संस्था के अनुसार उनके सचिव डॉ संतोष ओझा ने न्याय की गुहार लगाई। साथ ही प्रोबेशन अधिकारी को जानकारी देने के साथ चेतगंज थाने में वार्डन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
बच्चों के खेलने और व्यायाम की व्यवस्था नहीं :
जांच अधिकारियों ने पाया कि काशी अनाथालय में बच्चों के खेलने और व्यायाम के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। अनाथालय में नवजात शिशु से लेकर किशोर बड़ी बच्चियों तक के खाने का कोई समय तय नहीं है। इसके अलावा अनाथालय में बच्चों के सोने, उठने, बैठने की भी व्यवस्थाओं में कमियां है। जांच में इन बातों के उजागर होने के बाद काशी अनाथालय के अधिकारी और कर्मचारी कुछ भी कहने को तैयार नहीं हैं।