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Varanasi: हरिश्चंद्र घाट पर 2 महीने से बंद है 500 रुपये में दाह संस्कार, गैस संचालित शवदाह गृह तोड़ा गया
Fri, 15 Mar 2024 12:21 PM IST
अमन विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: अमन विश्वकर्मा
Updated Fri, 15 Mar 2024 12:21 PM IST
सार
Varanasi News: हरिश्चंद्र घाट पर हर साल 1400 से 1500 शवों का अंतिम संस्कार पांच सौ रुपये में होता था। पहले यहां इलेक्ट्रिक शवदाह गृह था। इसे गैस में कंवर्ट किया गया। अब वह भी नहीं है। यहां जाने वालों को काफी दिक्कत आ रही है। कोरोना काल में सबसे अधिक शव इसी शवदाह गृह में जलाए गए थे।
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हरिश्चंद्र घाट पर तोड़ा गया शवदाह गृह।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
वाराणसी के हरिश्चंद्र पर नगर निगम ने गैस आधारित दो शवदाह गृह को तोड़ दिया गया है। बिना कोई वैकल्पिक व्यवस्था किए शवदाह गृह बंद होने से 500 रुपये में होने वाला दाह संस्कार रुक गया है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। अब दाह संस्कार कराने वालों को कम से कम पांच से सात हजार रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। दिसंबर के अंतिम सप्ताह में शवदाह गृह को बंद किया गया था।
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हरिश्चंद्र घाट पर हर साल 1400 से 1500 शवों का अंतिम संस्कार पांच सौ रुपये में होता था। पहले यहां इलेक्ट्रिक शवदाह गृह था। इसे गैस में कंवर्ट किया गया। अब वह भी नहीं है। यहां जाने वालों को काफी दिक्कत आ रही है। कोरोना काल में सबसे अधिक शव इसी शवदाह गृह में जलाए गए थे। यहां शवों को जलाने के लिए लाइन लग गई थी। एक-एक शव को जलाने का नंबर तीसरे दिन आ रहा था।
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यहां अंतिम संस्कार करने आए विनोद पाल ने बताया कि पहले यहां पांच सौ रुपये में शव जलाते थे। अब पांच हजार रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। वह भी काफी कटौती करने पर। अधिक लकड़ी लेने पर यह खर्च बढ़कर दस हजार हो जाएगा। क्षेत्र के राकेश सिंह ने कहा कि श्मशान घाट पर आने वालों की सुविधा का ध्यान रखना चाहिए। बगैर कोई विकल्प दिए शवदाह गृह तोड़ना ठीक नहीं है।
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मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट को नए सिरे से बनाने की योजना के तहत काम शुरू किया गया है। पहले चरण में इसके पुराने निर्माण को तोड़ा जा रहा है। बाद में निर्माण कार्य शुरू होगा।
बोले अधिकारी
अधिकारियों की ओर से हरिश्चंद्र घाट को खाली करने के लिए कहा गया था। हम लोगों ने पूरा परिसर खाली कर दिया है। वहां पर शवदाह गृह स्थल को तोड़ा जा रहा है। बाद में यहां निर्माण होगा। - एके सक्सेना, अधिशासी अभियंता, नगर निगम
अंतिम संस्कार में होने वाला खर्च
अंतिम संस्कार में होने वाला खर्च
| लकड़ी | 500 रुपये मन (कम से कम पांच मन लकड़ी जरूरत) |
| शव जलाने के लिए | 500 |
| कफन | 100 |
| मारकीन | 250 |
| चटाई | 100 |
| माला | 50 |
| घी | 600 |
| आग | 100 से 2100 रुपये तक |
| चिता लगाई | 150 |
| लकड़ी की सीढ़ी | 650 |
| उपरोक्त आंकड़े रुपये में |