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वाराणसी: होम्योपैथिक दवा कंपनी के प्रबंध निदेशक पर कोर्ट ने दिए प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश, ये है आरोप

Thu, 15 Oct 2026 04:29 PM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Pragati Chand Updated Thu, 15 Oct 2026 04:29 PM IST
सार

वाराणसी में कोर्ट ने होम्योपैथिक दवा कंपनी के प्रबंध निदेशक पर प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश दिए। प्रार्थिनी के अधिवक्ता ने अदालत में वित्तीय लेनदेन और व्यापारिक अनुबंध से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत किए। 

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Court orders police FIR against managing director of homeopathic medicine company in Varanasi
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : एआई

विस्तार

होम्योपैथिक दवा कंपनी एडविन बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक आदेश शर्मा समेत अन्य के खिलाफ कथित धोखाधड़ी और धन हड़पने के मामले में अदालत ने प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया गया है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट भावना भारतीय की अदालत ने प्रार्थिनी सुधा सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए लालपुर-पांडेयपुर पुलिस को मामला दर्ज कर विवेचना करने का निर्देश दिया है। 

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प्रार्थिनी के अधिवक्ता ने अदालत में वित्तीय लेनदेन और व्यापारिक अनुबंध से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत किए। सुधा सिंह का आरोप है कि कंपनी के जिम्मेदार लोगों ने अधिकृत डीलरशिप और आकर्षक व्यापारिक लाभ का भरोसा देकर उनसे करीब 11 लाख रुपये निवेश कराए। 
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आरोप है कि कंपनी से जुड़े घनश्याम सिंह ने सुरक्षा राशि के नाम पर दो चेकों के जरिये आठ लाख रुपये भी लिए। इस रकम पर नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने और स्टांप पेपर पर लिखित अनुबंध उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया था। हालांकि, बार-बार मांगने के बावजूद न तो अनुबंध दिया गया और न ही रकम लौटाई गई।

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प्रार्थिनी के मुताबिक, कथित अनियमितताओं के चलते उनका कारोबार प्रभावित हुआ। बाजार में लाखों रुपये की बकाया रकम फंसने के साथ ही बड़ी मात्रा में दवाइयां स्टॉक में रह गईं। पुलिस अधिकारियों से शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। 

अदालत ने प्रार्थना पत्र, शपथ पत्र, दस्तावेज और पुलिस आख्या का परीक्षण करने के बाद प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध का मामला मानते हुए प्रार्थना पत्र स्वीकार कर लिया। अदालत ने पुलिस को मामला दर्ज कर नियमानुसार विवेचना करने का निर्देश दिया। थाना प्रभारी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि मामले में अदालत के आदेश का पालन होगा। 

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