ज्ञानवापी परिसर का पुरातात्विक सर्वेक्षण कराने की मांग, कोर्ट 20 फरवरी को करेगा सुनवाई
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ज्ञानवापी परिसर का पुरातात्विक सर्वेक्षण कराने के मामले में कोर्ट ने सुनवाई की अगली तिथि नियत की है। इस मामले की सुनवाई अब 20 फरवरी को होगी। भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी भी राम मंदिर को लेकर आए अदालत के फैसले के बाद काशी विश्वनाथ परिसर क्षेत्र की पुरातात्विक सर्वेक्षण कराने की मांग उठा चुके हैं।
काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर का पुरातात्विक सर्वेक्षण कराने के मामले की सुनवाई सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट में चल रही है। सोमवार को सुनवाई के दौरान विपक्षियों की ओर से सिविल जज की अदालत में सुनवाई के क्षेत्राधिकार को लेकर प्रार्थना पत्र दिया गया था। अदालत ने इस मामले पर 20 फरवरी की तारीख सुनवाई के लिए मुकर्रर कर दी है। गुरुवार को प्रार्थना पत्र को लेकर सुनवाई की जाएगी।
क्या है मामला
एनशिएंट आइडल स्वयंभू लार्ड विश्वेश्वर (प्राचीन मूर्ति स्वयंभू ज्योर्तिलिंग भगवान विश्वेश्वरनाथ ) व अन्य के पक्षकार पंडित सोमनाथ व्यास और अन्य ने ज्ञानवापी में नए मंदिर के निर्माण और हिंदुओं के पूजापाठ आदि के अधिकार को लेकर वर्ष 1991 में मुकदमा दायर किया था। उनकी ओर से कहा गया था कि ज्ञानवापी मस्जिद ज्योतिर्लिंग विश्वेश्वर मंदिर का एक अंश है।
पंडित सोमनाथ की मृत्यु के बाद बीते साल दिसंबर में अधिवक्ता विजय शंकर रस्तोगी ने वादमित्र के तौर पर अदालत में आवेदन दिया। अधिवक्ता की दलील है कि देश की आजादी के दिन ज्ञानवापी परिसर का धार्मिक स्वरूप मंदिर का था। उन्होंने अदालत से संपूर्ण ज्ञानवापी परिसर का पुरातात्विक सर्वेक्षण रडार तकनीक से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) से कराने की मांग की थी।