कोर्ट का फैसला: दहेज के लिए पत्नी को जलाने की कोशिश, दोषी पति को सात साल की कैद , एक लाख दस हजार रुपए अर्थदंड
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट फर्रूख इनाम सिद्दीकी ने अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़िता आशा देवी को देने का आदेश दिया। मामला मऊ जिले के कोतवाली घोसी क्षेत्र का है।
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अदालत ने पत्नी को दहेज के लिए प्रताड़ित करने, मारने-पीटने और केरोसिन डाल कर जिंदा जलाने की कोशिश के मामले में पति को दोषी करार कर सजा सुनाई है। आग लगाने के मामले में कोर्ट ने सात वर्ष जबकि प्रताड़ना के मामले में दो वर्ष की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कुल एक लाख दस हजार रुपए अर्थदंड निर्धारित किया।
अर्थदंड न देने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगताना होगा। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट फर्रूख इनाम सिद्दीकी ने अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़िता आशा देवी को देने का आदेश दिया। मामला मऊ जिले के कोतवाली घोसी क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार शहर कोतवाली क्षेत्र के ख्वाजाजहांपुर मोहल्ला निवासी हरेंद्र यादव पुत्र वासदेव की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई।
वादी की बहन आशा की शादी कोतवाली घोसी क्षेत्र के सुल्तानपुर गांव निवासी रामनवल यादव पुत्र स्वर्गीय हरदेव के साथ हुई थी। आरोप है कि आशा को उसके पति और ससुराल वाले दहेज को लेकर प्रताड़ित करते थे। 10 दिसंबर 2015 को आशा के ऊपर उसके पति रामनवल ने केरोसिन डाल कर जलाने की कोशिश की। घटना में वह गंभीर रूप से झुलस गई।
कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए वरिष्ठ लोक अभियोजक सुभाष और केसरी नंदन जायसवाल ने कुल छह गवाहों को पेश कर अपना पक्ष रखा। बचाव पक्ष से दो गवाह मनोज यादव और उपेंद्र चौहान को पेश कर तर्क दिया गया कि उसे झूठा फंसाया गया है। सीजेएम ने साक्ष्यों के आधार पर आरोपी पति रामनवल को दोषी करार दिया।
दोषी पाए जाने के बाद उसे जलाकर गंभीर चोटें पहुंचाने के मामले में सात वर्ष की सजा के साथ ही एक लाख रूपया अर्थदंड निर्धारित किया। अर्थदंड न देने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं प्रताड़ना के मामले में दो वर्ष की सजा के साथ ही दस हजार रूपया अर्थदंड तथा मारपीट के मामले में एक वर्ष की सजा का निर्णय सुनाया। अर्थदंड जमा हो जाने पर आधी धनराशि पीड़िता आशा देवी को देने का आदेश दिया।