{"_id":"5bc45f3ebdec2269855914cd","slug":"countdown-start-for-nri-summit-start-in-varanasi","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"बनारस में प्रवासी भारतीय सम्मेलन के लिए काउंटडाउन शुरू, 100 दिन में शहर को संवारना चुनौती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बनारस में प्रवासी भारतीय सम्मेलन के लिए काउंटडाउन शुरू, 100 दिन में शहर को संवारना चुनौती
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Mon, 15 Oct 2018 03:04 PM IST
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- फोटो : self
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प्रवासी भारतीय सम्मेलन का शंखनाद कर वाराणसी प्रशासन ने काउंट डाउन शुरू कर दिया है, मगर शहर की बिगड़ी ही दशा को देखकर 100 दिन में इसे संवारना चुनौती लग रहा है। हालांकि प्रशासन का दावा है कि सड़क, सीवर सहित अन्य सुविधाओं के लिए 15 अक्तूबर से काम शुरू किया जाएगा। विभागों की तैयारियां आधी अधूरी हैं, ऐसे में मुश्किलों का बढ़ना तय माना जा रहा है।
पिछले लंबे समय से शहर में टूटी सड़कें, साफ सफाई का अभाव, बेतरतीब यातायात सहित अन्य समस्याएं बनी हुई हैं। प्रवासी भारतीय सम्मेलन की सुगबुगाहट के बाद से ही कामों को टाला जाने लगा था। यही कारण है कि बरसात के बाद शहर की ज्यादातर सड़कें चलने लायक भी नहीं हैं।
लहरतारा कैंट मार्ग बंद होने से सिगरा, रथयात्रा मार्ग पर यातायात का दबाव बढ़ गया है। मंडुवाडीह से महमूरगंज और वहां से सिगरा की खस्ताहाल सड़क लोगों के लिए मुसीबत बन चुकी है। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का काम अब तक नहीं पूरा होने से शहर की सीवर व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित है।
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ज्यादातर घरों के कनेक्शन तक नहीं किए जा सके हैं। सफाई को लेकर चलने वाले विशेष अभियान पर भी प्रभावी काम नहीं कराया जा सके। 13 अक्तूबर को प्रशासन की ओर से प्रवासी भारतीय सम्मेलन के कार्यक्रमों की शुरुआत की गई है।
ऐसे में 100 दिन में शहर की समस्याओं के समाधान की भी चुनौती होगी। उधर, मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने कहा कि सोमवार को विभिन्न विभागों के तैयारियों की समीक्षा होगी। एक महीने के लक्ष्य में शहर की सुविधाओं को दुरुस्त कराया जाएगा।
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पिछले लंबे समय से शहर में टूटी सड़कें, साफ सफाई का अभाव, बेतरतीब यातायात सहित अन्य समस्याएं बनी हुई हैं। प्रवासी भारतीय सम्मेलन की सुगबुगाहट के बाद से ही कामों को टाला जाने लगा था। यही कारण है कि बरसात के बाद शहर की ज्यादातर सड़कें चलने लायक भी नहीं हैं।
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लहरतारा कैंट मार्ग बंद होने से सिगरा, रथयात्रा मार्ग पर यातायात का दबाव बढ़ गया है। मंडुवाडीह से महमूरगंज और वहां से सिगरा की खस्ताहाल सड़क लोगों के लिए मुसीबत बन चुकी है। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का काम अब तक नहीं पूरा होने से शहर की सीवर व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित है।
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ज्यादातर घरों के कनेक्शन तक नहीं किए जा सके हैं। सफाई को लेकर चलने वाले विशेष अभियान पर भी प्रभावी काम नहीं कराया जा सके। 13 अक्तूबर को प्रशासन की ओर से प्रवासी भारतीय सम्मेलन के कार्यक्रमों की शुरुआत की गई है।
ऐसे में 100 दिन में शहर की समस्याओं के समाधान की भी चुनौती होगी। उधर, मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने कहा कि सोमवार को विभिन्न विभागों के तैयारियों की समीक्षा होगी। एक महीने के लक्ष्य में शहर की सुविधाओं को दुरुस्त कराया जाएगा।
जारी होगा प्रवासी सम्मेलन का कैलेंडर
प्रवासी भारतीय सम्मेलन में कार्यक्रमों की शृंखला के लिए मंडलायुक्त सभागार में स्वयं सेवी संगठनों के साथ जिलाधिकारी ने बैठक की। इसमें शहर में विभिन्न कार्यक्रमों को करने की रूपरेखा तय की गई। रविवार को दशाश्वमेध घाट की गंगा आरती में प्रवासी सम्मेलन का कार्यक्रम शामिल किया गया। प्रशासन कार्यक्रमों को सूचीबद्ध कर प्रवासी सम्मेलन से पहले शहर में होने वाले कार्यक्रमों का कैलेंडर जारी करेगा।
प्रवासी भारतीयों का जायका बढ़ाएंगे संवासिनी गृहों के उत्पाद
जनवरी में होने वाले प्रवासी भारतीय सम्मेलन में परोसे जाने वाले पकवानों की मिठास संवासिनी गृहों में तैयार बेकरी उत्पाद बढ़ाएंगे। जिला प्रशासन ने इन्हें मेन्यू में शामिल कर लिया गया है। इन बेकरी उत्पादों को बाजार में भी उतारने की तैयारी है। वाराणसी जिला प्रशासन की पहल पर जैतपुरा स्थित राजकीय पश्चातवर्ती महिला देखरेख संगठन (संवासिनी गृह) में रही रही युवतियों और महिलाओं की जिंदगी बदलने का प्रयास किया जा रहा है।
इस बार प्रवासी भारतीय सम्मेलन में संवासिनी गृह के बेकरी उत्पाद परोसे जाएंगे। इनको ‘काशी टच’ देने की भी तैयारी है। केक और पेस्ट्री पर काशी के प्रमुख स्थलों की छाप दिखेगी। स्वाद पर भी खास प्रयोग किए जा रहे हैं।
जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह की पहल पर संगठन में रहने वाली संवासनियों को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाए जाने के लिए उनके द्वारा तैयार उत्तम क्वालिटी के केक, मफेन, पेस्ट्री इत्यादि को प्रमोट किया जा रहा है। इसे ओपेन मार्केट में भेजने की तैयारी है। विकास भवन और राइफल क्लब सभागार में आयोजित होने वाली बैठकों से संवासिनी ़गृह के बेकरी उत्पाद नाश्ते में परोसे जा रहे हैं।
इस बार प्रवासी भारतीय सम्मेलन में संवासिनी गृह के बेकरी उत्पाद परोसे जाएंगे। इनको ‘काशी टच’ देने की भी तैयारी है। केक और पेस्ट्री पर काशी के प्रमुख स्थलों की छाप दिखेगी। स्वाद पर भी खास प्रयोग किए जा रहे हैं।
जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह की पहल पर संगठन में रहने वाली संवासनियों को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाए जाने के लिए उनके द्वारा तैयार उत्तम क्वालिटी के केक, मफेन, पेस्ट्री इत्यादि को प्रमोट किया जा रहा है। इसे ओपेन मार्केट में भेजने की तैयारी है। विकास भवन और राइफल क्लब सभागार में आयोजित होने वाली बैठकों से संवासिनी ़गृह के बेकरी उत्पाद नाश्ते में परोसे जा रहे हैं।
स्कूली यूनिफार्म का भी मिलेगा ऑर्डर
स्कूल यूनिफार्म का भी ऑर्डर संवासिनियों को मिलेगा। स्किल डेवलपमेंट के तहत उन्हें सिलाई इत्यादि का प्रशिक्षण पहले ही दिया जा युका है। यहां संवासनियों की संख्या 94 है। इनमें 88 संवासनियां और छह उनके बच्चे हैं। कुल आठ डॉरमेट्री हैं, जिनमें कम से कम आठ से 10 लोग रहते हैं।