कफ सिरप: 100 करोड़ से ज्यादा हो सकती है रकम, ईडी भी सक्रिय; पुलिस की टीमें संयुक्त रूप से कर रहीं जांच
Varanasi News: वाराणसी में कफ सिरप को लेकर बड़ी कार्रवाई की गई है। कोतवाली की पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है। मास्टरमाइंड शुभम के नेटवर्क भी खंगाले जा रहे हैं।
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Varanasi Crime News: 100 करोड़ की कोडिन युक्त प्रतिबंधित कफ सिरप और नारकोटिक्स श्रेणी के अवैध कारोबार मामले में शुभम जायसवाल और पिता भोला प्रसाद समेत 28 आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कोतवाली पुलिस दबिश दे रही है। क्राइम ब्रांच और कोतवाली पुलिस की टीमें तफ्तीश कर रही हैं।
कुछ करीबियों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। हालांकि अभी तक कुछ ठोस साक्ष्य पुलिस के हाथ नहीं लगा है। ड्रग विभाग, इनकम टैक्स, पुलिस की संयुक्त टीमें कफ सिरप सिंडिकेट के मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल के नेटवर्क को खंगाल रही है। उसके साथ रहने वाले भूमिगत हैं।
कुछ महीने पूर्व कुछ रसूखदारों और अधिकारियों को विदेश टूर कराने वाले शुभम की जांच के लिए ईडी मुख्यालय से भी एक टीम सक्रिय है। आयकर अधिकारियों को अंदेशा है कि रकम 100 करोड़ से बड़ी हो सकती है। पांच राज्यों में शुभम का कारोबार है। सप्तसागर दवा मंडी के 20 से अधिक दवा कारोबारी तीन दिन से लापता हैं। शुभम और उसके परिजन भी शहर से बाहर हैं।
शुभम के बारे में बताया जा रहा है कि वह विदेश भाग निकला है। दो दिन पहले खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के ड्रग इंस्पेक्टर जुनैब अली ने कोतवाली थाने में मैदागिन निवासी शुभम जायसवाल, पिता भोला प्रसाद समेत 28 दवा कारोबारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। कोतवाली इंस्पेक्टर दयाशंकर सिंह ने बताया कि जांच के बाद ही कुछ कहना सही होगा।
मामले को सुलझाने में लगे रसूखदार और सफेदपोश, लखनऊ में डाले डेरा
शुभम के मामले को सुलझाने के लिए शहर और पूर्वांचल के कुछ रसूखदार व सत्ता में तगड़ी पैैठ रखने वाले प्रभावशाली सफेदपोश भी सक्रिय हैं। लखनऊ में जुगाड़ की गाड़ी दौड़ा रहे हैं। कुछ लोग तो लखनऊ में डेरा डाल चुके हैं। बताया जा रहा है कि शुभम ने कुछ लोगों के आलीशान मकान तक बनवाए हैं।
सप्तसागर दवा मंडी का अध्यक्ष बनने की तैयारी में था
कम समय में अकूत दौलत कमाने वाले शुभम ने अब अपने को राजनीति में सेट कर रहा था। वह सप्तसागर दवा मंडी चुनाव में अध्यक्ष पद की दावेदारी कर रहा था। मंडी के अधिकतर दवा कारोबारियों ने उसे समर्थन देने पर हामी भरी थी।