कोरोनावायरस: जब खुद रहेंगे सतर्क तो पास नहीं आएगा वायरस, बाहर जाने के लिए इस मास्क का करें प्रयोग
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कोरोनावायरस के भारत में दस्तक देने के बाद लोगों में इसका डर बैठ गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय भी इससे निपटने के हर तरह की तैयारी में है। प्रदेश के वाराणसी एयरपोर्ट पर यात्रियों चेकिंग गहनता से की जा रही है। तो वहीं स्वास्थ्य मंत्रालय ने इससे बचने के सुरक्षा उपाय भी बताए हैं। साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहन कर ही निकलें। खांसी, छींक या बुखार वाले व्यक्ति से दूर रहें।
भारत में अब तक कोरोनावायरस के 30 मरीजों की पुष्टि हुई है। इनमें से 14 भारतीय और 16 विदेशी नागरिक शामिल हैं। 14 भारतीयों में से केरल में मिले तीन को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है। बाकी 11 मरीजों में दिल्ली, तेलंगाना, जयपुर और गुड़गांव में एक-एक मरीज हैं। वहीं आगरा में एक ही परिवार के छह मरीज मिले हैं और इनके संपर्क में आए 25 लोगों की जांच रिपोर्ट निगेटिव पाई गई है।
चिकित्सा विशेषज्ञों की मानें तो बाजार में एन- 93, एन- 95, एन- 97, एन-98 सीरीज के साथ ही दो लेयर व तीन लेयर वाले मास्क बाजार में उपलब्ध हैं। बाजार में इनकी कीमत आठ से 250 रुपये तक है। एन-95 मास्क को विशेषज्ञ ज्यादा बेहतर मानते हैं।
कोरोना के लक्षण
बुखार, सर्दी, खांसी-जुकाम, गले में खरास, सांस लेने में तकलीफ, निमोनिया।
स्वास्थ्य विभाग ने साथ ही पिछले 28 दिनों में चीन, कोरिया, इटली, जापान, हांगकांग, वियतनाम, मकाऊ, मलेशिया, इंडोनेशिया, नेपाल, सिंगापुर, थाईलैंड, ताइवान, ईरान की यात्रा करने वाले लोग 14 दिन तक घरों में ही रहने की सलाह दी है।
कुछ सावधानियां बरतकर इस जानलेवा वायरस की चपेट में आने से बचा जा सकता है। थोड़ी सी समझदारी, बुद्धिमानी और बहादुरी इस जानलेवा वायरस से आपको और आपके परिवार को बचा सकती है। हम आपको बता रहें हैं कि इस वायरस से बचाव के लिए क्या करें और क्या नहीं और इसके लक्षण क्या हैं।
- यह वायरस, खांसी, छींक, श्वास और छूने से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है।
- इस वायरस से बचाव के लिए मास्क का इस्तेमाल करें।
- लोगों से हाथ न मिलाएं और गले भी न मिलें। 5 फीट की दूरी से बात करें।
- इस वायरस का आकार 400-500 माइक्रोन का है जो अन्य वायरस से बड़ा है।
- यह वायरस धातु की सतह पर 12 घंटे, कपड़ों पर 9 घंटे, और हमारे हाथों तथा शरीर पर 10 मिनट तक जीवित रहता है।
- अपने आसपास और घर की सफाई रखें।
- कपड़ों को अच्छी तरह से धोएं और कम से कम दो घंटे धूप में सुखाएं।
- हर 15 मिनट में कम से कम एक घूंट गुनगुना पानी पीते रहें।
- अपने हाथों को कम से कम 20 सेकंड तक रगड़कर साबुन से धोएं।
- गंदे हाथों से अपनी नाक और मुंह को न छुएं और न ही गंदे हाथों से कुछ खाएं।
- आइसक्रीम, कोल्डड्रिंक, बर्फ, बाजार की लस्सी, ठंडी छाछ और अन्य ठंडी वस्तुओं के सेवन से बचें।
- बाजार में मिलने वाले दूध से बने उत्पाद जैसे चीज, बटर, मायोनीज का सेवन न करें।
- नमक के गर्म/गुनगुने पानी से गरारे करें, इससे वायरस फेफड़ों तक नही पहुंच पाएगा।
- रोजाना तुलसी, लौंग, अदरक और हल्दी का गर्म दूध पिएं।
- गर्म स्थान पर रहें क्योंकि यह वायरस 27 डिग्री तापमान पर मर जाता है।
- कपूर, लौंग, इलाइची और जावित्री को पीसकर अपने साथ रखें और समय-समय पर उसे सूंघते रहें।
- विटामिन-सी युक्त फलों जैसे संतरे, मौसमी और आंवला खाएं। नींबू का इस्तेमाल भी जरूर करें।
- सार्वजनिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें।
- प्रतिदिन प्राणायाम और सूर्यनमस्कार करें। इससे श्ववसन तंत्र और फेफड़े मजबूत होंगे।
- सर्दी, खांसी, कफ, बुखार होने वाले व्यक्ति को डॉक्टर के पास तुरंत जाने की सलाह दें।
- कोरोनावायरस संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाकर रखें।
- शाकाहारी और हमेशा ताजा भोजन खाएं। मांसाहार के सेवन से बचें।
- फ्रीज में रखी ठंडी वस्तुओं का सेवन बिल्कुल न करें।