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तीसरी लहर से बच्चों को बचाने की तैयारी: वाराणसी के अस्पतालों में 400 पीडियॉट्रिक बेड तैयार, इलाज व जांच का हुआ रिहर्सल

Sat, 28 Aug 2021 01:46 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Sat, 28 Aug 2021 01:46 PM IST
सार

 कोरोना की संभावित तीसरी लहर में बच्चों में संक्रमण की आशंका को देख शासन ने अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में गंभीर बच्चों को भर्ती करने के लिए पीआईसीयू, एनआईसीयू बनवाया। साथ ही डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को स्पेशल ट्रेनिंग भी दी गई है।

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coronavirus third wave in varanasi mock drill Preparations to save children from covid  400 pediatric beds ready in hospitals
मॉकड्रिल में परखी तीसरी लहर की तैयारियां - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कोरोना की संभावित तीसरी लहर से निपटने की तैयारियों को लेकर शुक्रवार को बीएचयू और छह सीएचसी पर मॉकड्रिल में बच्चों के जांच, इलाज की तैयारियों को परखा गया। स्वास्थ्य केंद्रों पर इलाज के लिए आने वाले बच्चों के पंजीकरण से लेकर उन्हें भर्ती करने, ऑक्सीजन की जांच करने का पूर्वाभ्यास किया गया।

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बीएचयू समेत वाराणसी के सभी सरकारी अस्पतालों में बच्चों को तीसरी लहर से बचाने के लिए 400 से अधिक ऑक्सीजन युक्त पीडियॉट्रिक बेड इलाज को तैयार हैं। इनमें आईसीयू बेड भी शामिल हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ वीबी सिंह ने बताया कि जिले के चार सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों (सीएचसी चोलापुर, सीएचसी अराजीलाइन, सीएचसी नरपतपुर, सीएचसी गंगापुर) पर ऑक्सीजन युक्त 30-30 बेड एवं दो-दो आईसीयू बेड तैयार किए गए हैं।
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इसी प्रकार दीनदयाल में पीडियॉट्रिक के ऑक्सीजन युक्त 64 बेड तैयार किए गए हैं जिसमें 20 आईसीयू के बेड तैयार हैं। इसी तरह एसएसपीजी में ऑक्सीजन युक्त 44 पीडियॉट्रिक बेड तैयार किए गए हैं जिसमें 12 आईसीयू के बेड तैयार हैं। इसी प्रकार बीएचयू में कोविड के ऑक्सीजन युक्त पीडियॉट्रिक व आईसीयू बेड तैयार किए गए हैं। 

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कोरोना की संभावित तीसरी लहर में बच्चों में संक्रमण की आशंका को देख शासन ने अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में गंभीर बच्चों को भर्ती करने के लिए पीआईसीयू, एनआईसीयू बनवाया। साथ ही डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को स्पेशल ट्रेनिंग भी दी गई है। इस बीच शासन के निर्देश पर ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चोलापुर, गंगापुर पिंडरा समेत छह सीएचसी पर प्रशिक्षण कार्यक्रम चला।

एडिशनल सीएमओ ने भी मॉक ड्रिल की मॉनिटरिंग कर जरूरी सुझाव दिए। 30 बेड वाले वार्ड में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के प्रयोग, स्वास्थ्य केंद्रों पर बच्चों के इलाज से जुड़ी दवाइयां, जांच की व्यवस्था का मूल्यांकन किया गया। सीएमओ डॉक्टर वीबी सिंह ने बताया कि मॉकड्रिल के बाद अब नोडल अधिकारियों की ओर से शासन को रिपोर्ट सौंपी जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की तैयारियां कराई जाएंगी। 

कैसे हुआ मॉकड्रिल 

मॉक ड्रिल के दौरान एक डमी कोविड संक्रमित बच्चे को एंबुलेंस से उसके अभिभावक के जरिए डॉक्टर के पास लाया गया। कोविड-19 प्रोटोकॉल के अनुसार चिकित्सा कर्मियों के द्वारा उस बच्चे को प्रिजम्प्टिव बेड पर प्रारम्भिक जांच कर आईसीयू बेड तक ले जाया गया। इस दौरान चिकित्सक एवं चिकित्सा कर्मियों द्वारा इलाज के समस्त मानकों अनुपालन किया गया । 

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