वाराणसी में कोरोना रिटर्न: लंबे समय बाद एक दिन में दो नए मरीज मिले, स्वास्थ्य महकमा अलर्ट
वाराणसी में कोरोना का एक भी मरीज नहीं होने से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ ही जिला प्रशासन भी राहत में था। लेकिन अब जिस तरह से एक दिन में दो नए संक्रमित मिले हैं, उसको देखते हुए फिर से स्वास्थ्य महकमा अलर्ट हो गया है।
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वाराणसी में कोरोना का संक्रमण एक बार फिर से बढ़ने लगा है। लंबे समय बाद एक दिन में दो नए मरीज मिले हैं। इसके अलावा पहले से संक्रमित एक मरीज के स्वस्थ होने के बाद अब जिले में एक्टिव मरीजों की संख्या दो हो गई है। जिस तरह से मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है उसको लेकर स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की है।
कोरोना का संक्रमण धीरे-धीरे कम होने लगा था पिछले एक सप्ताह से जहां जिले में केवल एक ही संक्रमित मरीज था। वहीं स्वास्थ्य विभाग को मिली 1757 सैंपल की रिपोर्ट में शनिवार को सतनपुर में एक युवक और दुर्गाकुंड में एक युवती की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। होम आइसोलेशन में रहने वाले एक मरीज को स्वस्थ घोषित किया गया है। अब कुल 82400 मरीजों में 81625 के डिस्चार्ज 773 की मौत के बाद अब केवल दो एक्टिव मरीज है।
दो दिन में 12673 को लगा कोरोना का टीका
जिले में कोरोना टीका करण को लेकर चल रहे अभियान के तहत दो दिन में कुल 12673 लोगों को टीका लगाया गया। इसमें 5 नवंबर को जहां 3817 लोगों ने केंद्रों पर पहुंचकर टीका लगवाया वहीं 6 नवंबर को कुल 8856 लोगों का टीकाकरण किया गया।
प्रभारी सीएमओ डाक्टर राहुल सिंह ने बताया कि दीपावली के अगले दिन यानी 5 नवंबर को 3817 लोगों में 18 से 44 साल के 2622 और 45 साल के अधिक उम्र के 1195 लोगों ने टीका लगवाया जबकि 6 नवंबर को 8856 लोगों में सबसे ज्यादा 18 से 44 साल के 8788 लोगों का टीकाकरण हुआ जबकि 45 साल से ऊपर के केवल 68 लोगों ने टीका लगवाया।
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जीका वायरस को लेकर स्वास्थ्य महकमा अर्लट
कानपुर में जीका वायरस रोगियों की बढ़ती संख्या को लेकर शासन सतर्क हो गया है। शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट मोड में है। कोरोना की दूसरी लहर सामान्य जरूर हो गई, लेकिन डेंगू, मलेरिया, वायरल फीवर के बाद अब जीका वायरस ने लोगों को परेशान कर दिया है। कानपुर में तेजी से बढ़ते मरीजों की संख्या ने हर किसी को सोचने के लिए मजबूर कर दिया है।
जीका वायरस डेंगू की तरह एडीज मच्छर के काटने से होता है। इसका संक्रमण बढ़ने से यह काफी खतरनाक हो सकता है। इससे लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से पहले ही मलेरिया और डेंगू के रोकथाम के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में साफ-सफाई, एंटीलार्वा का छिड़काव, फागिंग का कार्य किया जा रहा है। साथ ही डेंगू को फैलने से रोकने के लिए लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है।
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