आजमगढ़ स्वास्थ्य विभाग की गड़बड़ी, बुजुर्ग के बदले मेडिकल कालेज के वार्डब्वाय को कर दिया आइसोलेट
आजमगढ़ जनपद में शनिवार देर शाम छह लोगों के कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई थी। इसमें स्वास्थ्य विभाग की गलती से शनिवार रात को तरवां ब्लाक के एक गांव निवासी मेडिकल कालेज के वार्डब्वाय को पॉजिटिव मानकर मेडिकल कालेज में आइसोलेट कर दिया गया। रविवार दोपहर जब मामले से पर्दा हटा तो स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आनन फानन में उसी नाम के मार्टीनगंज तहसील के पिपरौल निवासी बुर्जुक को मेडिकल कालेज में आइसोलेट किया।
दीदारगंज थाना क्षेत्र के पिपरौल में शनिवार देर रात मुंबई से आए 25 वर्षीय युवक के कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी। वो 14 मई को आया था। घर में रह रहा था। दिक्कत होने पर 18 मई को सैंपलिंग के बाद उसे फिर से होम क्वारंटीन किया गया था। शनिवार रात को रिपोर्ट पॉजिटिव मिलने के बाद रात में मेडिकल टीम पहुंची और उसे मेडिकल कालेज भेजा गया।
शनिवार रात को ही इस युवक के 54 वर्षीय पिता की भी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इनका भी सैंपल 18 मई को ही लिया गया था। गोरखपुर लैब से मिलने वाली रिपोर्ट में मरीज का मोबाइल नंबर भी दर्ज होता है, लेकिन इसे कंफर्म नहीं किया गया। लापरवाही और आपाधापी में इसी नाम के तरवां के एक वार्ड ब्वाय को मेडिकल कालेज भेज दिया गया।
रविवार को जब मामले की जानकारी हुई तो स्वास्थ्य विभाग के होश उड़ गए। आनन-फानन में पिपरौल निवासी बुजुर्ग को भी मेडिकल कालेज भेजा गया। सीएमओ डॉ. एके मिश्रा ने बताया कि एक नाम के होने के कारण गलती से वार्ड ब्वाय को आइसोलेट कर दिया गया था, लेकिन इसमें सुधार कर पिता-पुत्र को आइसोलेट कर दिया गया है।