कोरोनावायरस से फीकी की होली की रौनक, बाजारों से चाइनीज पिचकारी गायब
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कोरोना वायरस का असर बाजार में दिख रहा है। हर बार चाइनीज पिचकारी से पटे रहने वाले बाजार से इस बार चाइनीज आइटम गायब दिख रह हैं। चाइनीज पिचकारी, टोपी और रंग और पटाखे आदि जो मिल भी रहे हैं वो दोगुने कीमत पर मिल रहे हैं। हालांकि अभी बाजार पूरी तरह सजे नहीं है लेकिन बड़ी दुकानों पर होली के सामान बिकने शुरू हो गए हैं।
रंगों का त्योहार होली पर पिछले एक दशक से चाइनीज आइटमों का कब्जा हो गया है। पारंपरिक खिलौने आदि की जगह चाइनीज खिलौने के रूप में पिचकारियों से बाजार पट जा रहे हैं। पिछले वर्ष बीस रुपये से एक हजार रुपये तक के एक से बढ़कर एक पिचकारियों और मुखौटों के साथ बाजार में रंग, अबीर आदि भी चाइना से आयातित ही दिख रहे थे।
कुछ माह पहले से चीन से शुरू हुए करोना के असर ने चाइनीज आइटमों क आयात पर मानो रोक लगा दी है। इसका असर होली के बाजार पर भी दिख रहा है। 10 मार्च को होली है, इसी वजह से होली का असर बाजार में धीरे धीरे दिखने भी लगा है।
पूर्वांचल जिलों पर बड़ी दुकानों में रंग, अबीर, पिचकारी आदि सजा दिए गए हैं। इस बार बाजार में चाइनीज पिचकारी न के बराबर दिख रही हैं। जो पिचकारी बिक भी रही हैं, वे पिछले वर्ष के मुकाबले दोगुने कीमत पर बिक रहे हैं। दुकानदार मनोज कुमार ने बताया कि इस बार चाइनीज आइटम नहीं आ रहे हैं। पिछले वर्ष बचा हुआ माल है। यही कारण है कि भारतीय कंपनियों के माल बाजार में बिक रहा है।
इसी तरह बाबूलाल जायसवाल ने बताया कि होली पर जीटी रोड पर दुकान लगाना है। दिल्ली से माल उठाता हूं लेकिन इस बार दिल्ली में भी चाइनीज पिचकारी, रंग आदि कम आए हैं। चाइनीज माल सस्ता होने से जल्दी बिक जाते हैं लेकिन इस बार महंगा होने की वजह से बाजार पर असर पड़ेगा।