कोरोना से जंग: वाराणसी में तेजी से कम हो रहे नए मामले, सोमवार को 239 मरीज मिले, पांच मौत
वाराणसी में कोरोना संक्रमण की दर लगातार आठवें दिन भी दहाई के नीचे रही। हालांकि बीते 24 घंटे में इलाज के दौरान 5 मरीजों ने दम तोड़ दिया। इधर, जिला प्रशासन ने तीसरी लहर को लेकर तैयारियां शुरू कर दी है।
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वाराणसी जिले में कोरोना के नये मामलों में गिरावट जारी है। लगातार आठवें दिन कोरोना संक्रमण की दर दहाई के नीचे रही। सोमवार को डेढ़ महीने बाद एक दिन में 239 नए मरीज मिले जबकि पांच मरीजों की मौत भी हुई है। इसके पहले 4 अप्रैल को 237 मरीज मिले थे। वहीं, सोमवार को 8912 सैंपल की रिपोर्ट आई है।
कमिश्नर आवास में चार, आरएसएस ऑफिस पर एक, एडीजी आवास, पीएसी भुल्लनपुर, बीएचयू, डीएलडब्ल्यू, लोहारडीह, मंडुआडीह समेत अन्य जगहों पर मरीज मिले हैं। बीएचयू ट्रामा सेंटर में भर्ती गांधीनगर नरिया निवासी 49 वर्षीय महिला, बीएचयू में सिगरा निवासी 55 वर्षीय महिला, ईएसआईसी में भर्ती चोलापुर निवासी 65 वर्षीय महिला, हेरिटेज मेडिकल कॉलेज में भर्ती निराला नगर निवासी 42 वर्षीय पुरुष के साथ ही डीआरडीओ अस्पताल में भर्ती काजीसराय निवासी 75 वर्षीय पुरुष की मौत हुई है।
इसके अलावा होम आइसोलेशन में रहने वाले 923 लोगों को स्वस्थ घोषित किया गया है, जबकि अस्पताल से 109 लोगों को छुट्टी दी गई है। कुल मरीजों की संख्या 79,317 पहुंच गई है। 72,702 डिस्चार्ज हो चुके हैं। जबकि 698 की मौत हुई है। फिलहाल 5917 एक्टिव मरीज हैं।
कोविड अस्पतालों में हर दिन अब खाली होने वाले बेडों की संख्या बढ़ती जा रही है। सरकारी और निजी अस्पतालों में मिलाकर अब 1240 बेड खाली हैं। ऐसे में गंभीर मरीजों को इलाज में राहत होगी और परिजनों को भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी।
तीसरी लहर की तैयारी में जुटा प्रशासन
वाराणसी जिला प्रशासन ने कोरोना के तीसरी लहर को लेकर युद्ध स्तर पर हर संभव तैयारियां शुरू कर दी है। इसके लिए डीएम कौशल राज शर्मा ने पीडियाट्रिक डॉक्टरों के कंसल्टेटिव कमिटी का गठन कर उनसे सुझाव भी मांगे हैं। वहीं अस्पतालों में आईसीयू और एनआईसीयू के बेड बढ़ाने की भी व्यवस्था की जा रही है।
डीएम ने कहा कि प्रशासन दो मोर्चों पर काम कर रहा है। एक ऑक्सीजन वाले बेड बढ़ाए जाएंगे। तीन अस्पतालओं में ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट लग गया है। 4 सरकारी अस्पतालों में और आठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ऑक्सीजन प्लांट लगाए जाएंगे।
इसके अलावा निजी अस्पतालों को भी ऑक्सीजन प्लांट लगवाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। हम लोगों का पूरा प्रयास है कि सिलेंडर पर निर्भरता कम हो और लिक्विड ऑक्सीजन की क्षमता बढ़ाई जाए। प्रशासन आगामी 1 सप्ताह के भीतर तीसरी लहर की तैयारी में जुटा है।
कबाड़ में सड़ रही चार सरकारी एंबुलेंस
कोविड-19 के इस दौर में जहां एंबुलेंस की सुविधा नहीं मिल पाने से कई लोगों ने दम तोड़ दिया, वहीं यहां चार एंबुलेंस खड़ी होकर सड़ रही हैं। इसकी मरम्मत करने की जहमत भी विभाग ने नहीं उठाई।
चोलापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के कैंपस में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में एक कार्यक्रम का उद्घाटन किया था।
दो दिन पहले केंद्रीय मंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने कोविड-19 सेंटर बनाने की भी बात कही है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में गंभीर मरीजों को अस्पताल तक ले जाने में जद्दोजहद करनी पड़ती है, वहीं सरकारी एंबुलेंस लोगों की सुविधा के बजाय अस्पताल में एक कोने में खड़ी होकर धूल फांक रही है।
चोलापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. आरबी यादव ने बताया कि चोलापुर में चार एंबुलेंस खड़ी हैं, दो एंबुलेंस 102 की है जिसकी देखरेख 102 के विभाग के द्वारा किया जाता है। दो साल से खराब होने से खड़ी है। जबकि दो एंबुलेंस जिसे कबाड़ घोषित कर दिया गया है।
ब्लैक फंगस के मरीजों के लिए बनी कमेटी
कोरोना की दूसरी लहर में ब्लैक फंगस वाले मरीजों की संख्या अब तेजी से बढ़ती जा रही है। बीएचयू में ही ऐसे 25 से अधिक मरीज आ चुके हैं।