रीजनल सेंटर पहुंची कोरोना वैक्सीन की 1.77 लाख खुराक, चार मंडलों में जल्द शुरू होगा वितरण
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कोरोना टीकाकरण के लिए कोविशील्ड वैक्सीन की दूसरी खेप बुधवार को वाराणसी पहुंच गई। इस बार वाराणसी समेत चार मंडलों के लिए एक लाख 77 हजार 500 डोज आई है। फिलहाल वैक्सीन को दीनदयाल अस्पताल परिसर स्थित रीजनल सेंटर में रखा गया है। यहीं से चारो मंडल में इसका वितरण कराया जाएगा। बताया जा रहा है कि जो वैक्सीन दूसरी खेप में मिली है, उससे पहले चरण के बचे स्वास्थ्यकर्मियों को टीका लगाया जाएगा।
वाराणसी में इसके लिए पिछले सप्ताह ही पहली खेप में वैक्सीन की 1.85 लाख खुराक आई थी। अब दूसरी खेप में भी बुधवार को बाबतपुर एयरपोर्ट पर विस्तारा की फ्लाइट से 15 बॉक्स में 1.77 लाख 500 डोज आई है।
एयरपोर्ट पर बड़ागांव पीएचसी के प्रभारी डॉ. शेर मोहम्मद सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। यहां के बाद वैक्सीन को रीजनल सेंटर तक लाया गया। अब यहीं से वाराणसी, आजमगढ़, मिर्जापुर, प्रयागराज मंडल को भेजा जाएगा। चारों मंडल में 14 जिलों के लिए डोज आई है।
दूसरी खेप में मिली वैक्सीन का वितरण कब से होगा और किस मंडल को कितनी वैक्सीन दी जाएगी, इस बारे में लखनऊ स्तर से आदेश आएगा। वितरण संबंधी आदेश आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी ।
डॉ. एसके उपाध्याय, अपर निदेशक स्वास्थ्य
दूसरी खेप से पूरा हो जाएगा पहला चरण
जिले की अगर बात करें तो पहले चरण में कुल 18 हजार स्वास्थ्यकर्मियों का चयन किया गया है। पहली खेप की जो वैक्सीन आई थी वह दस हजार स्वास्थ्यकर्मियों के लिए थी। अब दूसरी खेप आने के बाद बचे आठ हजार कर्मियों की पहली और दूसरी डोज पूरी हो जाएगाी।
सीएमओ डॉ. वीबी सिंह ने बताया कि दूसरी खेप में कितनी वैक्सीन मिलनी है, अभी यह तय नहीं है। इतना जरूर है कि इससे पहले चरण का टीकाकरण पूरा करा लिया जाएगा। बताया कि अभी 22, 28 और 29 जनवरी को पहले से चयनित दस हजार स्वास्थ्यकर्मिया को टीका लगाया जाएगा।
एयरपोर्ट से दूसरी गाड़ी से मंगाई गई वैक्सीन
वैक्सीन की पहली खेप अनफिट गाड़ी से मंगाए जाने की खबरों के बाद दूसरी खेप में इसका विशेष ध्यान रखा गया। बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से दूसरी गाड़ी एयरपोर्ट भेजी गई। अपर निदेशक स्वास्थ्य डा. एसके उपाध्याय ने बताया कि इसके पहले जो गाड़ी भेजी गई थी, उसकी फिटनेस संबंधी जो भी कमियां थी, उसके लिए आरटीओ को कागजात भेजे गए हैं। बताया कि पहले वाली गाड़ी भी केवल 45 हजार किलोमीटर ही चली है।