कोरोना का कहर : बीएचयू में 31 मार्च तक नहीं होगी इलेक्टिव सर्जरी
- कोरोना से बचाव और संक्रमण रोकने के लिए उच्च स्तरीय बैठक में हुआ निर्णय
- विश्वविद्यालय में संक्रमण रोकने और निगरानी के लिए बनेगी टास्क फोर्स
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कोरोना वायरस से बचाव और संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए वाराणसी के बीएचयू स्थित सर सुंदरलाल चिकित्सालय में 23 से 31 मार्च तक इलेक्टिव सर्जिकल प्रोसीजर पर रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही सभी विभागों में सोशल डिसटेंसिंग का कड़ाई से पालन कराने का निर्देश जारी किया गया।
इसके साथ ही निगरानी के लिए टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराने वाले विभागों को आदेश दिया गया है कि वह सुनिश्चित करें कि एक समय में ज्यादा कर्मचारी इकठ्ठा ना हों।
इसके लिए काम पर आने के समय में बदलाव का निर्देश दिया गया है। यह निर्णय शुक्रवार को केंद्रीय कार्यालय में रेक्टर प्रो. वीके शुक्ला की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में लिया गया।
प्रो. शुक्ला ने कहा कि चिकित्सा विज्ञान संस्थान के निदेशक व सरसुंदर लाल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक ओपीडी में होने वाली भीड़ को कम करने के लिए जरूरी कदम उठाएं। अस्पताल में 31 मार्च तक कोई भी वैकल्पिक आपरेशन, जिनको टाला जा सकता हो नहीं किए जाएंगे।
संक्रमण से बचाव के लिए सुझावों का पालन और निगरानी के लिए एक टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। इसके साथ ही विश्वविद्यालय में विभिन्न निर्माण गतिविधियों में लगे मजदूरों और कर्मचारियों के बीच फ्लू जैसे लक्षणों का पता लगाने के लिए टीम गठित की जाएगी।
सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के पालन में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। बैठक में कुलसचिव डॉ. नीरज त्रिपाठी समेत विश्वविद्यालय के संकायाध्यक्ष, संस्थानों के निदेशक व अधिकारी मौजूद रहे।
कुछ दिन करें इंतजार
कोविड-19 के संक्रमण व फैलाव को रोकने के मद्देनजर काशी हिंदू विश्वविद्यालय प्रशासन ने सर सुंदरलाल अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों से अपील की है कि बहुत जरूरी होने पर ही अस्पताल आएं और ऐसी कोई भी जांच, ऑपरेशन, परामर्श आदि को कुछ दिन बाद कराएं, जिसके लिए इंतज़ार करना संभव हो।
लोगों से अपील है कि बीएचयू अस्पताल में अनचाही भीड़ कम करने में सहयोग करें। इससे न सिर्फ संक्रमण के खतरे को कम किया जा सकेगा, बल्कि प्रशासन व स्टाफ को अपना काम करने में भी आसानी होगी। साथ ही साथ कोविड-19 मामलों की जांच के काम में भी मदद मिलेगी।