कोरोना का संक्रमण बढ़ा: वाराणसी में 81 वर्षीय बुजुर्ग महिला मिली संक्रमित, सक्रिय मामले चार हुए
वाराणसी में बीते तीन दिन में कोरोना के चार नए मामले सामने आए हैं। रविवार 81 वर्षीय बुजुर्ग महिला में कोरोना की पुष्टि हुई है।
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देश में कोरोना के नए वैरियंट ओमिक्रॉन की दस्तक के बीच जिस तरह से कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है, उसको लेकर लोगों को और सतर्कता बरतने की जरूरत है। शनिवार को दो नए मामले सामने आने के बाद रविवार को अन्नपूर्णा नगर कॉलोनी में 81 वर्षीय बुजुर्ग महिला में कोरोना की पुष्टि हुई है।
अब वाराणसी जिले में कुल चार एक्टिव केस हो गए हैं। वह होम आईसोलेशन में हैं और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घर पहुंचकर महिला के संपर्क में आने वालों का सैंपल भी लिया है। ओमिक्रॉन को लेकर जारी अलर्ट के मुताबिक बाबतपुर एयरपोर्ट पर विदेश से आने वालों की जांच के साथ ही शहर में भी अभियान चलाकर लोगों की जांच कराई जा रही है।
वाराणसी इलाज कराने आई थी बुजुर्ग महिला
इस बीच रविवार को काशी विद्यापीठ के पास अन्नपूर्णा नगर मिल कॉलोनी में रहने वाले 81 वर्षीय जिस महिला की रिपोर्ट पॉजीटिव आई है, वह महिला मूल रूप से बिहार की रहने वाली है और यहां इलाज कराने आई थी।
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होम आईसोलेशन में रहने वाले दो की रिपोर्ट निगेटिव
इसमें एक बीएचयू का रेजिडेंट हैं, जबकि एक अन्य महिला है। बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम सभी की निगरानी कर रही है। अगर किसी की तबीयत बिगड़ने जैसी बात होती है तो उन्हें दीनदयाल अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा।
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कोरोना जांच से कतरा रहे लोग
कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए कैंट रेलवे स्टेशन और रोडवेज बस अड्डे पर यात्रियों की जांच की जा रही है। एंटीजन और आरटीपीसीआर जांच के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय से स्वास्थ्य कर्मियों को नियुक्त किया गया है। हालांकि, यहां आने वाले ज्यादातर यात्रियों द्वारा जांच से इनकार किया जा रहा है।
उनका कहना है कि वैक्सीनेशन करा लिया है तो जांच क्यों कराएं। ऐसे में जांचकर्ता भी काफी परेशान हैं। कैंट रेलवे स्टेशन और रोडवेज परिसर में रोजाना डेढ़ लाख यात्रियों का आवागमन होता है। कई यात्री मुंबई और दिल्ली सहित देश के अन्य शहरों से सफर कर वाराणसी पहुंचते हैं।
जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग द्वारा संक्रमण को शहर में प्रवेश करने से रोकने के लिए इनकी कोरोना जांच कराने का अनिवार्य फैसला किया गया है, लेकिन लोग जागरूकता के अभाव में जांच नहीं करवा रहे हैं।