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संक्रमण दर घटी, रिकवरी रेट बढ़ा
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वाराणसी। कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण की दिशा में चल रहे प्रयासों का कुछ असर दिखने लगा है। इसमे संक्रमण दर में कमी,रिकवरी रेट में बढ़ोतरी हुई, लेकिन मौत के आंकड़ों में अभी भी कमी नहीं आ पा रही है।
शासन-प्रशासन के लिए चिंता का सबसे बड़ा कारण भी यही बना हुआ है। सितंबर में संक्रमण दर 5.97 की तुलना में 30 अक्तूबर तक 4.97 है। रिकवरी रेट भी 86.15 से बढ़कर 94.2 हो गया। मृत्यु दर 1.6 से कम नहीं हो पा रही है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोरोना के आंकड़ों को कम करना किसी चुनौती से कम नहीं है। जिले में इस समय कोरोना से कुल संक्रमित मामलों की संख्या कुल 16727 है और 15768 मरीज डिस्चार्ज होने के बाद अब 690 एक्टिव केस है। पहले हर दिन जहां 100 से 150 मरीज मिल रहे थे वही अब संक्रमित मरीजों की संख्या भी 100 से कम हो गई है। इधर, अस्पताल से डिस्चार्ज होने वालों की तुलना में होम आइसोलेशन में भी रहने वाले मरीजों की सेहत में तेजी से सुधार हो रहा है।
मरीजों की सेहत पर विशेष निगरानी के निर्देश
शासन-प्रशासन भी मौत के आकंडों को कम करने के लिए गम्भीर मरीजों की सेहत पर निगरानी करते रहने को कह रहा है।
अपर मुख्य सचिव देवेश चतुर्वेदी के साथ ही जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने भी स्वास्थ्य विभाग को होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों के साथ ही अस्पतालों में भर्ती मरीजों की मॉनिटरिंग का निर्देश दिया था, जिससे कि मौत का आंकड़ा कम हो सके।
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संक्रमण दर में कमी और रिकवरी रेट में सुधार हुआ है। अब मौत के ग्राफ को कम करने की दिशा में पहल चल रही है। होम आइसोलेशन और अस्पताल में भर्ती मरीजों का बेहतर इलाज किया जा रहा है, जिससे कि मौत का आंकड़ा कम हो सके।-डॉ. वीबी सिंह,सीएमओ
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शासन-प्रशासन के लिए चिंता का सबसे बड़ा कारण भी यही बना हुआ है। सितंबर में संक्रमण दर 5.97 की तुलना में 30 अक्तूबर तक 4.97 है। रिकवरी रेट भी 86.15 से बढ़कर 94.2 हो गया। मृत्यु दर 1.6 से कम नहीं हो पा रही है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोरोना के आंकड़ों को कम करना किसी चुनौती से कम नहीं है। जिले में इस समय कोरोना से कुल संक्रमित मामलों की संख्या कुल 16727 है और 15768 मरीज डिस्चार्ज होने के बाद अब 690 एक्टिव केस है। पहले हर दिन जहां 100 से 150 मरीज मिल रहे थे वही अब संक्रमित मरीजों की संख्या भी 100 से कम हो गई है। इधर, अस्पताल से डिस्चार्ज होने वालों की तुलना में होम आइसोलेशन में भी रहने वाले मरीजों की सेहत में तेजी से सुधार हो रहा है।
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मरीजों की सेहत पर विशेष निगरानी के निर्देश
शासन-प्रशासन भी मौत के आकंडों को कम करने के लिए गम्भीर मरीजों की सेहत पर निगरानी करते रहने को कह रहा है।
अपर मुख्य सचिव देवेश चतुर्वेदी के साथ ही जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने भी स्वास्थ्य विभाग को होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों के साथ ही अस्पतालों में भर्ती मरीजों की मॉनिटरिंग का निर्देश दिया था, जिससे कि मौत का आंकड़ा कम हो सके।
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संक्रमण दर में कमी और रिकवरी रेट में सुधार हुआ है। अब मौत के ग्राफ को कम करने की दिशा में पहल चल रही है। होम आइसोलेशन और अस्पताल में भर्ती मरीजों का बेहतर इलाज किया जा रहा है, जिससे कि मौत का आंकड़ा कम हो सके।-डॉ. वीबी सिंह,सीएमओ