नहीं मिली कॉपी, फिर देनी होगी परीक्षा
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हर साल की परीक्षा के बाद आरटीआई के तहत छात्रों को कॉपी की छायाप्रति दिखाने का प्रावधान है।
2014 की परीक्षा में भी बीकॉम की सौम्या सिंह, बीएससी श्याम सुंदर-शोभनाथ और बीए के छात्र आशुतोष कुमार ने कापी देखने के लिए डाफी निवासी आशुतोष त्रिपाठी ने सबसे पहले 22 फरवरी मई 2014 को आरटीआई के तहत आवेदन किया था लेकिन जवाब नहीं मिला तो फिर 2 अप्रैल, 28 मई, 30 जून और फिर 26 सितंबर 2014 को विश्वविद्यालय में जवाब मांगा इस पर कार्रवाई न होने पर राज्य सूचना आयोग में शिकायत कर कापी न दिखाने की बात कही। चौकाने वाली बात यह है कि 30 मार्च को जनसूचना अधिकारी की ओर से आशुतोष को तीन फरवरी 2017 को परीक्षा समिति में हुए निर्णय की प्रति लगाकर भेजा गया है, जिसमें छात्रों को बिना शुल्क के अंक सुधार के लिए परीक्षा का अवसर देने की बात कही गई है। रविवार को सुबह से ही आशुतोष की ओर से ऐसा कर विश्वविद्यालय की ओर से छात्रों के साथ धोखाधड़ी करने का मैसेज वायरल होने लगा।