मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क: 6 किमी रेलवे लाइन बिछेगी, बांग्लादेश से जुड़ जाएगी काशी; यहां देखें प्लान
Varanasi News: आईडब्ल्यूएआई चेयरमैन एके मिश्रा ने कहा कि लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में हमने बहुत विकास किया। वाराणसी को विकास केंद्र बनाने के लिए सभी के सुझाव भी आमंत्रित हैं। वाराणसी-हल्दिया के बीच जल्द ही कार्गो को चलाया जाएगा।
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रामनगर (राल्हूपुर) में बनने वाला मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क के बाउंड्रीवाल निर्माण का काम जुलाई से शुरू हो जाएगा। गुरुवार को आईडब्ल्यूएआई चेयरमैन एके मिश्रा, कमिश्नर कौशल राज शर्मा, डीएम एस. राजलिंगम ने उद्यमियों व रेलवे व अन्य विभाग के अफसरों के साथ बैठक की। इसके बाद रामनगर में जमीन का निरीक्षण किया। इसे विकसित करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई और सुझाव मांगे गए।
बनने के बाद इसे पीपीपी मॉडल पर चलाया जाएगा। ऐसे में इंडस्ट्री क्या सुविधाएं चाहता है और कंपनियों की क्या शर्तें होंगी। इन सभी मुद्दों पर भी बैठक में बात हुई। भारत सरकार की कंपनियों का भी विजिट गुरुवार को कराया गया। बाउंड्रीवाल निर्माण के बाद आगे मांग के हिसाब से इसे विकसित किया जाएगा।
पूर्वांचल की व्यापारिक गतिविधियों को देश के बड़े शहरों और विदेशी बाजार से जोड़ने के लिए बनारस में प्रदेश का पहला लॉजिस्टिक हब अगले महीने से बनना शुरू हो जाएगा। यहां एक्सपोर्ट जोन के साथ ही पैकेजिंग इंस्टीट्यूट आदि विकसित किया जाएगा।
कमिश्नर कौशल राज शर्मा ने बताया कि गंगा और हाइवे पर के किनारे होने से जल और सड़क मार्ग तो विकसित है ही रेलवे लाइन बिछाने की भी तैयारी हो गई है। करीब छह किलोमीटर लाइन यहां तक आएगी इससे यह रेलवे लाइन से भी जुड़ जाएगा। जल परिवहन के जरिये आसानी से माल बांग्लादेश सहित अन्य देशों तक भेजा जा सकेगा।
वहीं सड़क और रेल लाइन मार्ग से मजबूत कनेक्टिविटी से देश के बड़े शहरों तक कम लागत में आसानी से माल भेजा जा सकेगा। भूमि अधिग्रहण का काम पूरा हो चुका है। अब यहां वेयर हाउस बनाए जाने हैं, इसीलिए उद्यमियों, शेयर होल्डर की बैठक कर सुझाव लिए गए और उनका विजिट कराया गया। ताकि वे अपनी जरूरत समझ सकें और उसके हिसाब से आगे पार्क का निर्माण भी किया जा सके।
पड़ोसी जिलों में बढ़ाई गई एयर कनेक्टिविटी
कमिश्नर ने बताया कि पड़ोसी जनपदों में एयर कनेक्टिविटी भी बढ़ाई गई है। जिसमें चित्रकूट, आजमगढ़ में नए एयरपोर्ट चालू किए गए हैं व जल्द ही सोनभद्र में भी हवाई यातायात सुविधा शुरू होने वाली है।
सीपेट संस्थान, निफ्ट कैम्पस, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पैकेजिंग, कार्पेट टेक्नोलॉजी पार्क को बनाया गया है। रोपवे भी लगभग तैयार हो रहा है। कृषि निर्यात जो 2020-21 में चार टन से शुरू किया गया था वो चार वर्षों के अंदर बढ़कर 734 टन तक हो चुका है।
प्रधानमंत्री के प्रयासों के अनुरूप वाराणसी को रोड, रेलवे तथा जलमार्ग से जोड़ा गया है। मालगाड़ियों की गति भी बढ़ाई है। लॉजिस्टिक हब में यहां श्रमिकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। जुलाई से बाउंड्रीवाल का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। आम सहमति के लिए बैठक और विजिट का काम पूरा हो गया। - कौशल राज शर्मा, मंडलायुक्त, वाराणसी