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हवा को जहरीला बनाने में जिम्मेदारों की अनदेखी, निर्माण कार्य और कूड़ा बना रहा काशी को बीमार

Tue, 03 Dec 2019 09:43 AM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Tue, 03 Dec 2019 09:43 AM IST
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Construction and Litter smoke pollution increasing air quality very poor in varanasi 
चांदपुर क्षेत्र में जलता कूड़ा। - फोटो : अमर उजाला

बनारस की हवा को जहरीला बनाने में जिम्मेदारों की अनदेखी शामिल है। मानकों के खिलाफ चल रहे निर्माण कार्य और शहर में जलाए जा रहे कूड़े ने काशीवासियों की आक्सीजन पर संकट खड़ा कर दिया है। पिछले एक महीने से हवा की गुणवत्ता खराब होती जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, यही हाल रहा तो काशी में दमा और श्वांस रोगियों की संख्या सबसे अधिक होगी।

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प्रदूषण रोकने में उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। सोमवार को भी एयर क्वालिटी इंडेक्स 280 दर्ज किया गया। दीपावली के बाद से बिगड़ी हवा को दुरुस्त करने के लिए पानी सड़कों पर बहाया जा रहा है, लेकिन इसका खास असर नहीं दिख रहा है। निर्माण एजेंसियां मानकों का उल्लंघन करके निर्माण काम में लगी हुई हैं। 
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कागजी सर्वे के आधार पर करते हैं जुर्माना
प्रदूषण की रोकथाम के लिए बनाया गया प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी कागजी सर्वे के आधार पर जुर्माने की कार्रवाई कर रहे हैं। बीते दिनों कैंट स्टेशन पर भी कार्यदायी संस्था के बजाय सेतु निगम को जुर्माने का नोटिस जारी कर दिया गया था। वहीं छोटे और मंझोले उद्योग तथा बिल्डिंग मैटेरियल के विक्रेताओं ने भी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पर भयादोहन के आरोप लगाए हैं।

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चांदपुर में लगाया 50-50 हजार जुर्माना
चांदपुर इंडस्ट्रियल एस्टेट में कूड़ा जलने की शिकायत पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दो औद्योगिक इकाईयों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। सोमवार को जांच के लिए पहुंची टीम के अधिकारियों ने इंडस्ट्रियल एस्टेट में जांच के दौरान कार्रवाई के लिए नोटिस जारी किया। 

फेफड़ों को संकुचित कर रहा धुआं
कबीरचौरा मंडलीय चिकित्सालय के चेस्ट फिजीशियन डॉ. आरके शर्मा के अनुसार, धुएं में मौजूद सल्फर डाई आक्साइड और नाइट्रिक आक्साइड जब ओस में मिलती है तो सांस रोगियों के लिए खतरनाक है। राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय के प्रो. अजय कुमार का कहना है कि कूड़े का धुआं फेफड़ों को संकुचित कर रहा है। नवजात शिशुओं और छोटे बच्चों के लिए तो यह बहुत खतरनाक है।

आंकड़े वायु गुणवत्ता 
2 नवंबर 434
3 नवंबर 418
4 नवंबर 371
10 नवंबर 189
11 नवंबर 201
12 नवंबर 284
28 नवंबर 314
29 नवंबर 359
30 नवंबर 270

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