कांग्रेस का प्रदर्शन: स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने उठाए सवाल, पूछा- हिंदू स्वाभिमान दिवस से चिढ़ क्यों
महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ कांग्रेस पार्टी के प्रदर्शन की टाइमिंग पर अखिल भारतीय संत समिति महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने सवाल उठाए हैं।
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कांग्रेस पार्टी की ओर से महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन आज पूरे देश में हो रहा है। कांग्रेस के इस प्रदर्शन की टाइमिंग पर अखिल भारतीय संत समिति महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने पांच अगस्त को राष्ट्रीय व हिंदू स्वाभिमान दिवस करार दिया है। उन्होंने कांग्रेस से पूछा कि आपको हिंदू स्वाभिमान दिवस से चिढ़ क्यों है। आपका प्रदर्शन किसी और दिन भी हो सकता था। पांच अगस्त को कांग्रेस के इस प्रदर्शन को उन्होंने षडयंत्र करार दिया।
स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने वीडियो जारी कर कहा कि भारत की सांस्कृतिक एवं धार्मिक इतिहास में पांच अगस्त 2019 और 2020 मील का पत्थर है। पांच अगस्त 2019 को धारा 370 और 35 ए की समाप्ति के साथ ही सही मायने में जम्मू राज्य का एक तरीके से भारत में विलय हुआ। जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म होना राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए मील का पत्थर था।
राष्ट्रीय स्वाभिमान के छायाचित्रों को धूमिल करने के लिए षडयंत्र
आगे कहा कि लगभग 500 वर्षों के हिंदू समाज के काले चिन्ह को मिटाकर के सुप्रीम कोर्ट के संविधान में किए गए सर्वसम्मत से अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ। पांच अगस्त 2020 को इसका भूमि पूजन हुआ। जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि पता नहीं क्यों अपने आपको इस देश का सबसे पुराना दल कहने वाले कांग्रेस को हिंदू स्वाभिमान और राष्ट्रीय स्वाभिमान से इतनी चिढ़ क्यों है।
आपका यह प्रदर्शन जो महंगाई की आड़ में सोनिया-राहुल गांधी को बचाने के लिए पांच अगस्त को होने वाला है। यह प्रदर्शन चार अगस्त या छह अगस्त को भी हो सकता था। लेकिन नहीं, पांच अगस्त को हिंदू स्वाभिमान और राष्ट्रीय स्वाभिमान के छायाचित्रों को धूमिल करने के षडयंत्र में कांग्रेस इस हद तक गिरेगी ये कहा नहीं जा सकता था।
मैं कांग्रेस से इतना ही कहूंगा कि पांच अगस्त हिंदू स्वाभिमान दिवस है। राष्ट्रीय एकता और अखंडता में मील का पत्थर का दिवस है। कृपया इस दिवस को आप कलंकित ना करें और आपको ऐसे प्रदर्शन वापस लेना चाहिए।