प्रतिकार यात्रा बवाल में अकेले फंसे अजय राय: 82 में से 81 आरोप मुक्त, बोले- मुझे राजनीतिक द्वेष में फंसाया गया
आठ वर्ष पुराने अन्याय प्रतिकार यात्रा मामले में अब सिर्फ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के खिलाफ मुकदमा चलेगा। इसके विरोध में शुक्रवार को कांग्रेस नेताओं ने केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ वाराणसी में सदबुद्धि यात्रा निकाली।
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वाराणसी में आठ साल पहले निकली अन्याय प्रतिकार यात्रा के बाद हुए बवाल में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय अकेले फंस गए हैं। बवाल के बाद अजय राय के साथ ही 82 लोगों पर केस हुआ था। सरकार ने अजय राय को छोड़कर 81 लोगों से केस वापस ले लिया। इसके विरोध में कांग्रेस नेताओं ने वाराणसी में केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ सदबुद्धि यात्रा निकाली। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अन्याय प्रतिकार यात्रा मामले में प्रदेश अध्यक्ष अजय राय का बरी नहीं होना सरकार की साजिश का हिस्सा है।
शुक्रवार को जिला व महानगर कांग्रेस की ओर से यात्रा लहुराबीर स्थित प्रदेश अध्यक्ष के आवास से लोहटिया बड़ा गणेश मंदिर तक निकाली गई। मंदिर में पूजा अर्चना कर सरकार को सदबुद्धि देने की प्रार्थना की गई। अजय राय ने कहा कि हमें द्वेषपूर्ण राजनैतिक भावना से मुकदमे में फंसाए रखना अनुचित है।
2015 में अन्याय प्रतिकार यात्रा में 82 आरोपियों में से 81 दोष मुक्त किए गए। वहीं, हमें सिर्फ राजनीतिक द्वेष में फंसाया गया है। मैंने समझौता नहीं किया और इसका प्रतिफल है कि मुझे बरी नहीं किया गया। मैं पीछे हटने वालों में से नही हूं। न्यायपालिका पर भरोसा है। निश्चित ही न्याय होगा।
यात्रा का संयोजन महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे और जिलाध्यक्ष राजेश्वर पटेल ने किया। इस दौरान प्रमोद पांडेय, प्रजानाथ शर्मा,अनिल श्रीवास्तव, दुर्गाप्रसाद गुप्ता, अशोक सिंह, अतुल मालवीय, मनीष चौबे उपस्थित रहे।