लोकसभा चुनाव 2019 : मिर्जापुर सीट पर कांग्रेस ने लगाया दांव, एक तीर से चार निशानों को साधने की कोशिश
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कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव 2019 के लिए बुधवार को प्रत्याशियों की दूसरी सूची जारी की है। जिसमें उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर सीट पर कांग्रेस ने एक बार फिर ललितेश पति त्रिपाठी पर दांव लगाया है। उनकी लड़ाई सपा-बसपा गठबंधन की ओर से घोषित उम्मीदवार राजेंद्र एस बिंद और भाजपा-अपना दल (एस) की संभावित प्रत्याशी अनुप्रिया पटेल से होगा।
2012 में जिले की मड़िहान विधानसभा सीट से विधायक चुने गए त्रिपाठी ने 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ा था। उन्हें एक लाख 52 हजार 666 वोट मिले थे। हालांकि उनकी जमानत जब्त हो गई थी।
संसदीय क्षेत्र में ब्राह्मण बिरादरी को साधने के लिहाज से त्रिपाठी की उम्मीदवारी पहले से ही तय मानी जा रही थी। ललितेश पति त्रिपाठी पूर्व रेल मंत्री कमलापति त्रिपाठी के प्रपौत्र हैं। बुधवार को प्रत्याशी की घोषणा के बाद कांग्रेस की जिला इकाई में खुशी की लहर है।
ये है कांग्रेस की रणनीति
मिर्जापुर में दो लाख के आसपास सवर्ण मतदाता और डेढ़ लाख के आसपास मुस्लिम मतदाता हैं। पार्टी के दावे को मानें तो सवर्ण, किसान, मुसलमान और अन्य जातियों के वोट भी कांग्रेस के साथ हैं। उनका तर्क है कि किसानों के मुद्दों को लेकर छत्तीसगढ़, राजस्थान और मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी है।
इन चुनावों के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की छवि किसान नेता के रूप में उभरी है। ऐसे में कांग्रेस को लग रहा है कि किसान का वोट उसे मिलेगा। 2017 में ललितेश पति त्रिपाठी भाजपा के रामशंकर पटेल से चुनाव हार गए थे। त्रिपाठी को 59 हजार 919 वोट पाकर दूसरे स्थान पर रहे थे।
2014 में भाजपा-अपना दल की संयुक्त प्रत्याशी के तौर पर अनुप्रिया पटेल चार लाख 36 हजार 536 वोट पाकर निर्वाचित हुई थीं। बसपा प्रत्याशी समुद्रा बिंद दो लाख 17 हजार 457 वोट पाकर अपनी जमानत बचा पाईं थी।