लोकसभा चुनाव 2019 : इस सीट पर कांग्रेस ने उतारा प्रत्याशी, दावेदारों में अंतर्विरोध हो सकता है घातक
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कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव 2019 के लिए बुधवार को प्रत्याशियों की दूसरी सूची जारी की है। कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश की 16 सीटों पर उम्मीदवार घोषित किए है। जिसमें उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले की लालगंज सीट पर युवा नेता पंकज मोहन सोनकर को उतारा है।
कांग्रेस ने युवा पंकज मोहन सोनकर को आजमगढ़ की लालगंज सीट पर टिकट तो दे दिया है, लेकिन अपने ही संगठन को साधना पंकज के लिए टेढ़ी खीर होगी। टिकट घोषणा के साथ ही संगठन के एक गुट को पंकज का टिकट गले नहीं उतर रहा है। वहीं, टिकट के कई दावेदार भी विरोध का बिगुल फूंकने को तैयार है।
आजमगढ़ में कांग्रेस संगठन की स्थिति किसी से छिपी नहीं है। संगठन कई गुटों में बंटा हुआ है। वहीं जनाधार के मामले में भी पार्टी हाशिए पर पहुंच चुकी है। लालगंज लोकसभा सीट पर पिछली बार बलिहारी बाबू ने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था। लगभग 23 हजार वोट के साथ ही उनकी जमानत जब्त हो गई थी।
इस बार हाईकमान ने यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष पंकज मोहन शंकर को प्रत्याशी बनाया है। टिकट मिलते ही संगठन के एक गुट के गले से नीचे नहीं उतर रहा है। वहीं टिकट के कई दावेदार जिनमें पीसीसी सदस्य लालती देवी, राजबली, पार्टी के उपाध्यक्ष ज्ञान राम, अवधेश सोनकर और एक विधानसभा चुनाव लड़ चुके पूर्व प्रत्याशी टिकट की घोषणा से नाराज दिख रहे हैं।
हालांकि अभी उन्होंने लिखित विरोध दर्ज नहीं कराया है। सूत्रों की मानें तो जिला अध्यक्ष हवलदार सिंह से अपना विरोध दर्ज करा दिया है। आने वाले दिनों में विरोध की ये चिंगारी हाईकमान तक पहुंच सकती है। ऐसी स्थिति में पंकज को अपनों को साधना टेढ़ी खीर साबित होगी।
बिगड़ सकता है भाजपा का समीकरण
अगर पंकज लालगंज से चुनाव लड़ते हैं तो इसका नुकसान वर्तमान सांसद नीलम सोनकर को हो सकता है। क्योंकि पंकज सजातीय वोटों का बंटवारा करेंगे और इस से भाजपा को नुकसान होगा। हालांकि भाजपा ने अभी तक लालगंज सीट पर अपने पत्ते नहीं खोले हैं।