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विंध्यधाम में बह रही प्रेम-सौहार्द की गंगा, रामचरित मानस पाठ में जुटे मुस्लिम
Wed, 09 Jan 2019 10:41 AM IST
दुष्यंत शर्मा
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,मिर्जापुर
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,मिर्जापुर
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 09 Jan 2019 10:41 AM IST
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हिन्दू मुस्लिम एक साथ रामचरित्र मानस पाठ करते हुए
- फोटो : amar ujala
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यूपी के मिर्जापुर में सामाजिक संस्था विंध्य सेवा मंच के तत्वावधान में विगत वर्षों की तरह इस वर्ष भी विंध्याचल के शेरकोठी प्रांगण में तीन दिवसीय मानस महोत्सव का आयोजन किया गया। शेरकोठी प्रांगण में प्रेम-सौहार्द की गंगा बह रही है।
सोमवार से यहां शुरू हुए तीन दिवसीय रामचरित मानस पाठ के दूसरे दिन मंगलवार को सस्वर रामचरित मानस के अखंड पाठ से पूरा वातावरण गुंजायमान रहा। शेरकोठी प्रांगण में सजे भव्य राम दरबार में विद्वत ब्राह्मणों सहित मोहम्मद इस्लाम ने मुस्लिम भाइयों संग भगवान राम के मानस पाठ का सस्वर गायन कर इस कार्यक्रम को अद्वितीय बना दिया।
तमाम विरोधाभासों के बीच इस तरह की समरसता से देश की संस्कृति के साथ ही गंगा-जमुनी तहजीब को मजबूती मिलती है। विंध्यवासिनी धाम के शेरकोठी का मानस महोत्सव सन 2003 से आपसी समरसता का संदेश देता रहा है।
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विंध्य सेवा मंच के संस्थापक वीरेन्द्र मिश्र ने 1988 से इस मानस महोत्सव का शुरुआत की थी। 2003 में इस कार्यक्रम से मोहम्मद इस्लाम को जोड़ कर गंगा जमुनी तहजीब का अनूठी मिसाल कायम की। मोहम्मद इस्लाम तब से लेकर आज तक प्रत्येक वर्ष अपने साथियों संग शामिल होते हैं।
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सोमवार से यहां शुरू हुए तीन दिवसीय रामचरित मानस पाठ के दूसरे दिन मंगलवार को सस्वर रामचरित मानस के अखंड पाठ से पूरा वातावरण गुंजायमान रहा। शेरकोठी प्रांगण में सजे भव्य राम दरबार में विद्वत ब्राह्मणों सहित मोहम्मद इस्लाम ने मुस्लिम भाइयों संग भगवान राम के मानस पाठ का सस्वर गायन कर इस कार्यक्रम को अद्वितीय बना दिया।
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तमाम विरोधाभासों के बीच इस तरह की समरसता से देश की संस्कृति के साथ ही गंगा-जमुनी तहजीब को मजबूती मिलती है। विंध्यवासिनी धाम के शेरकोठी का मानस महोत्सव सन 2003 से आपसी समरसता का संदेश देता रहा है।
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विंध्य सेवा मंच के संस्थापक वीरेन्द्र मिश्र ने 1988 से इस मानस महोत्सव का शुरुआत की थी। 2003 में इस कार्यक्रम से मोहम्मद इस्लाम को जोड़ कर गंगा जमुनी तहजीब का अनूठी मिसाल कायम की। मोहम्मद इस्लाम तब से लेकर आज तक प्रत्येक वर्ष अपने साथियों संग शामिल होते हैं।
आपसी भाईचारे का संदेश देने वाला है यह आयोजन
मोहम्मद इस्लाम ने बताया कि यह आयोजन आपसी भाईचारे का संदेश देने वाला है और गर्व है कि हम सभी इससे जुड़े हुए हैं। संयोजक व संस्था प्रवक्ता त्रियोगी मिटठू मिश्र ने बताया कि यह कार्यक्रम प्रत्येक वर्ष विंध्य सेवा मंच के संस्थापक वीरेंद्र कुमार मिश्र की स्मृति में आयोजित होता है।
महासचिव जादूगर रतन कुमार ने कहा धर्म हमें परस्पर प्रेम और सौहार्द की शिक्षा देता है। धर्म हमें बांटना नहीं जोड़ना सिखाता है। इस अवसर पर अंबा, गामा, मजीरा गुरु, रिंकू पांडे, बितनु महराज, सूरज आनंद मिश्र, मदरुलला, मोहम्मद रियाज, इरफान, कच्चा मास्टर, दीपक महराज आदि मौजूद रहे।
महासचिव जादूगर रतन कुमार ने कहा धर्म हमें परस्पर प्रेम और सौहार्द की शिक्षा देता है। धर्म हमें बांटना नहीं जोड़ना सिखाता है। इस अवसर पर अंबा, गामा, मजीरा गुरु, रिंकू पांडे, बितनु महराज, सूरज आनंद मिश्र, मदरुलला, मोहम्मद रियाज, इरफान, कच्चा मास्टर, दीपक महराज आदि मौजूद रहे।