जल्द होगा खुलासा: ईरानी गैंग के शरणदाताओं की कुंडली खंगालेगी वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस
वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस की सर्विलांस सेल और क्राइम ब्रांच की टीमें जेल में बंद 10 आरोपियों से जुड़े मोबाइल नंबर और अन्य संपर्क को खंगाल रही हैं।
विस्तार
व्यापारियों और महिलाओं से फर्जी पुलिसकर्मी बनकर लूट और टप्पेबाजी करने वाले ईरानी गैंग के शरणदाताओं पर भी कमिश्नरेट पुलिस की नजर है। क्राइम ब्रांच की दो टीमें गिरोह के बदमाशों और संरक्षण देने वालों के बारे में जानकारियां जुटा रही हैं। कमिश्नरेट पुलिस ने मध्य प्रदेश के भोपाल पुलिस के आईजी को भी पत्र लिखा है।
सर्विलांस सेल और क्राइम ब्रांच की टीमें जेल में बंद दस आरोपियों से जुड़े मोबाइल नंबर और अन्य संपर्क को खंगाल रही हैं। पुलिस के अनुसार कई शरणदाताओं के नाम भी सामने आए हैं। अब उनकी कुंडली कमिश्नरेट पुलिस खंगालेगी।
कई शहरों के पुलिस अधिकारियोें से साधा जा रहा संपर्क
पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश के अनुसार ईरानी गैंग के बारे में जानकारियां जुटाई जा रही हैं, इस गैंग की मदद और उन्हें संरक्षण देने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए सर्विलांस सेल और क्राइम ब्रांच की दो टीमें गठित की गई हैं। टीमों ने अपना काम शुरू कर दिया है। मुंबई, चेन्नई और अन्य शहरों के पुलिस अधिकारियोें से भी संपर्क साधा जा रहा है, जहां ईरानी गैंग ने घटनाओं को अंजाम दिया है।
परिवार और रिश्तेदार ही जुड़े हैं ईरानी गैंग में
पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश के अनुसार ईरानी गैंग में बाहरी युवकों को नहीं जोड़ा जाता। सिर्फ परिवार और रिश्तेदारों से ही यह गिरोह तैयार हुआ है। पिता-पुत्र और चाचा-भतीजा मिलकर लूट और टप्पेबाजी की घटनाओं को अंजाम देते हैं। बुुजुर्ग महिला से आभूषण लूट में रेहान अली और उसका बेटा इब्राहिम अली गिरफ्तार हुए थे।
इनके अलावा गिरफ्तार इकबाल अली और सलमान हुसैन भी रिश्तेदार हैं। इसके पूर्व किराना कारोबारी से लूट मामले में गिरफ्तार छह आरोपियों में अबू हैदर, मेंहदी हसन, इमरान अली, गुलाम जाकिर, सैयद अबूथरब और मोहम्मद कासिम भी आपस में रिश्तेदार बताए गए। इसमें अधिकतर का ठिकाना भोपाल रेलवे स्टेशन के पास संजय नगर कॉलोनी में है।