वाराणसी : कैंट रेलवे स्टेशन पर मची अफरा-तफरी, मटकों में मिले कोबरा और धामिन सांप
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वाराणसी के कैंट रेलवे स्टेशन पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब जम्मूतवी से चलकर काशी पहुंची बेगमपुरा एक्सप्रेस में रखे दो मटकों में से एक किंग कोबरा और धामिन सांप निकले। जीआरपी ने मटके को कब्जे में ले लिया और बाद में वन विभाग के सुपुर्द कर दिया गया।
सांपों को देखने के लिए जीआरपी थाने के बाहर यात्रियों और उनको छोड़ने आए परिजनों की भीड़ लगी रही। गनीमत रही कि सफर के दौरान मिट्टी का घड़ा नहीं फूटा, वरना बड़ी घटना घट सकती थी। सूत्रों की मानें तो सांपों को बाहर से तस्करी कर लाया गया था।
रविवार की सुबह जम्मूतवी से चलकर कैंट रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर पांच पर बेगमपुरा एक्सप्रेस पहुंची। यात्रियों के उतरने के बाद जब कैरेज एंड वैगन स्टॉफ ट्रेन की पैडलॉकिंग कर रहे थे कि तभी रेल इंजन के पीछे लगी जनरल बोगी में दो बड़े-बड़े मटके लावारिस अवस्था में रखे मिले। दोनों मटकों का मुंह कपड़े से बांधकर रखा गया था।
घड़े में रखे सांप के साथ जीआरपी और वन विभाग कर्मी
कर्मचारियों ने कंट्रोल के माध्यम से इसकी जानकारी जीआरपी को दी। पांच नंबर प्लेटफार्म पर पहले से ही मौजूद जीआरपी मौके पर पहुंची। जब उन्होंने मटके को उठाया तो अंदर से फुफकारने की आवाज आ रही थी। सावधनी के साथ मटकों को जीआरपी थाने ले जाया गया।
वन विभाग को सूचना देने के साथ ही एक सपेरे को भी बुलाया गया। वन विभाग ने सपेरे के सहयोग से जब घड़े को खोला तो एक से कोबरा और दूसरे में धामिन सांप मिला। दोनों ही सांपों को वन विभाग को सौंप दिया गया। उधर सांप को देखने के लिए सैकड़ों लोग जुटे रहे।
सूत्रों की मानें तो सांप के घड़े पर दूर से तस्कर नजर रखे हुए थे, जो मौका देखकर मटका उठा ले जाते। जीआरपी के मौके पर पहुंचने के चलते वे भाग निकले। यात्रियों में यही चर्चा रही कि जनरल बोगी में बड़ी संख्या में यात्रियों की मौजूदगी में अगर मटका फूट जाता या उसका मुंह खुल जाता तो बड़ी घटना घट सकती थी।